हिंदी प्रयोग का लिया संकल्प
स्थानीय दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार को अखिल भारतीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान, उत्तर प्रदेश जनपद बहराइच की ओर से हिंदी विधि सप्ताह के प्रथम दिन को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया

हिंदी प्रयोग का लिया संकल्प
बहराइच ब्यूरो 14 सितंबर।
स्थानीय दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार को अखिल भारतीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान, उत्तर प्रदेश जनपद बहराइच की ओर से हिंदी विधि सप्ताह के प्रथम दिन को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। संस्थान के अध्यक्ष पं. रामछवीले शुक्ला ने सभागार में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं हिंदी प्रेमियों को न्यायिक एवं विधिक कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी के प्रयोग का संकल्प दिलाया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कवि रामसूरत वर्मा ‘जलज’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर मूक-बधिर छात्र-छात्राओं ने ‘यह देश है वीर जवानों का’ तथा ‘हम छोटे-छोटे बच्चे हैं’ देशगीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन अनूप श्रीवास्तव ने किया, जबकि व्यवस्था की जिम्मेदारी सुश्री रंजीता वाल्मीकि ने संभाली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए न्यायपालिका, व्यवस्थापिका, विधायिका और प्रेस यानी लोकतंत्र के चारों स्तंभ निरंतर प्रयास कर रहे हैं। हिंदी के व्यापक प्रयोग और विकास के लिए सभी को अपना सहयोग देना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संविधान में ‘इंडिया दैट इज भारत’ कहा गया है और अब संकल्प लेने की आवश्यकता है कि भारत की पहचान एवं कार्यप्रणाली में हिंदी को उचित स्थान मिले। उन्होंने कहा कि सात दशक से अधिक की यात्रा के बाद भी हिंदी वह मुकाम हासिल नहीं कर पाई है, जिसकी आमजन अपेक्षा करता रहा है। जनपद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा कि गुजरात में रहने वाले महात्मा गांधी और स्वामी दयानंद सरस्वती जैसे संत-महात्माओं ने हिंदी की सेवा किसी हिंदी भाषी समाजसेवी से भी अधिक की। मीडिया प्रभारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि हिंदी विधि सप्ताह के अगले कार्यक्रम में विधिक पुस्तकों, वाद पत्रों, प्रतिवाद पत्रों एवं निर्णयों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीश पवन शर्मा, राकेश सिंह, अरविंद गौतम, अनिल कुमार, सचिव जलाल अकबर, पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय, रामनारायण मिश्रा, राम अचल सिंह सेंगर, रामजी वाजपेई, अधिवक्ता संघ के महामंत्री शैलेन्द्र सिंह, विजय पाठक, श्रीनिवास तिवारी, परमानंद पांडेय, विमलेंद्र शुक्ला, आनंद सिंह सेंगर, पयकर जमाल, अभिव्यंजना श्रीवास्तव, एसएमएस जैदी, सभाजीत मिश्रा, कपिश दीक्षित, कृष्ण मुरारी तिवारी, संजय तिवारी, लक्ष्मण देव पांडेय, प्रियंका सिंह, नागेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमी एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।




