हिंदी विधि सप्ताह में कर्मचारियों की श्रुतलेख प्रतियोगिता आयोजित
स्थानीय दीवानी न्यायालय परिसर में हिंदी विधि सप्ताह के चौथे दिन तृतीय एवं

हिंदी विधि सप्ताह में कर्मचारियों की श्रुतलेख प्रतियोगिता आयोजित
बहराइच ब्यूरो 17 सितंबर।
स्थानीय दीवानी न्यायालय परिसर में हिंदी विधि सप्ताह के चौथे दिन तृतीय एवं
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की श्रुतलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। हिंदी विधि प्रतिष्ठान उत्तर प्रदेश-बहराइच के अध्यक्ष राम छबीले शुक्ला के निर्देशन में हुई प्रतियोगिता में दो दर्जन से अधिक न्यायिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता एक घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें कर्मचारियों ने पूरे मनोयोग से हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन अनूप श्रीवास्तव ने किया, जबकि व्यवस्था वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह ने संभाली। मुख्य अतिथि के रूप में जनपद न्यायाधीश राजेश सिंह ने कहा कि भाषा का विकास आम जनमानस के प्रयास से होगा और हिंदी उत्तरोत्तर विकास के पथ पर अग्रसर है। अपर जनपद न्यायाधीश पवन शर्मा ने कहा कि जापान और चीन ने अपनी मातृभाषा को नहीं छोड़ा और आज प्रगति के पथ पर हैं, इसलिए हम सभी को भी उनसे सीख लेकर हिंदी की सेवा करनी चाहिए। अपर जनपद न्यायाधीश राकेश सिंह ने कहा कि हमें अपनी भाषा में मौलिकता लानी होगी। प्रेमचंद की कहानियां विदेशों में इसलिए प्रचलित हुईं क्योंकि उनमें भारतीय मूल्यों का समावेश था। पूर्व अध्यक्ष रामजी वाजपेई ने कहा कि हिंदी किसी की आश्रित नहीं है, बल्कि यह विश्व की अग्रणी भाषाओं में शामिल है। वरिष्ठ अधिवक्ता सभाजीत मिश्रा ने कहा कि हिंदी मानवीय संवेदना पैदा करती है और यह भारत की बेटी है, लेकिन राजनीति के आगे बेबस है। मीडिया प्रभारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि 18 सितंबर को हिंदी विधि सप्ताह के पांचवें दिन दीवानी न्यायालय परिसर में हिंदी विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें जनपद भर के हिंदी प्रेमी भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव जलाल अकबर, जनपद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश शुक्ला, कर्मवीर सिंह, विजय पाठक, विमलेंद्र शुक्ला, रामसागर राव, संजय तिवारी, ओंकार सिंह, शरद श्रीवास्तव,क्ष काशीनाथ शुक्ला, हीरालाल राव, श्रीनिवास तिवारी, अरविंद पांडे, रामजी, पैकर जमाल, नीलू पांडे सहित बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमी मौजूद रहे।




