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उत्तर प्रदेश

प्रदेश सरकार ने आलू कृषकों के लिए की भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना

निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर भी आलू कृषकों को मिलेगा अनुदान

प्रदेश सरकार ने आलू कृषकों के लिए की भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना

निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर भी आलू कृषकों को मिलेगा अनुदान

 

 

बहराइच ब्यूरो

01 सितम्बर। जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि जनपद के आलू उत्पादक कृषकों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना’’ एवं ‘‘निजी शीतगृहों में आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना’’ लागू की गई है। श्री चौधरी ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए लागू योजना अन्तर्गत आलू किसानों को उनकी उत्पादन लागत के सापेक्ष उचित मूल्य दिलाने जाने के उद्देश्य से उपज की अधिकता के कारण उनके बाजार भाव में होने वाले गिरावट के दृष्टिगत सामयिक रूप से मूल्य स्थिरीकरण करने के उद्देश्य से रू 1000 करोड़ धनराशि का ’’भामाशाह मूल्य स्थिरता कोष’’ की स्थापना वर्तमान वित्तीय वर्ष में की गयी है।

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा आलू उत्पादन की लागत रू 700/प्रति कुन्तल निर्धारित की गई है। प्रदेश में आलू उपज के मूल्य स्थिरीकरण के क्रम में आलू उत्पादक कृषकों को निर्धारित ‘‘आलू उत्पादन-लागत का 25 प्रतिशत’’ अथवा ‘‘उत्पादन लागत एवं बिक्रीत दर के अन्तर’’ की धनराशि जो कम हो, देय होगा। योजनान्तर्गत कृषको अधिकतम् रू. 200.00 कुण्टल की दर से अनुदान देय होगा।

इसी प्रकार निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना अन्तर्गत आलू उत्पादक कृषकों को आलू के प्रभार शुल्क पर रू. 100.00 प्रति कुन्तल की दर से अनुदान दिये जाने के उद्देश्य से ‘‘भण्डारण प्रभार में छूट की योजना’’ लागू की गई है। इसके अन्तर्गत प्रति कृषक को अधिकतम् 2.00 हे. क्षेत्रफल अथवा 200.00 कुण्टल उपज पर योजनान्तर्गत अधिकतम् रू. 20,000.00 का अनुदान निजी शीतगृह में भण्डारित आलू पर देय होगा।

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन विभागीय पोर्टल पोटैटो डाट यूपीहर्टीकल्चर डाट इन के माध्यम से किया जाएगा तथा अनुदान की धनराशि लाभार्थी कृषक के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से अन्तरित की जायेगी। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक कृषक आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा, खतौनी, कोल्ड स्टोर की आमद रसीद, गेट पास रसीद, लॉट नम्बर, पेमेंट रसीद जिसमें किसान का पूरा पता तहसील, जिला आदि का विवरण हो, की सहायता से पोर्टल पर पंजीकरण करते हुए लाभ प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल से सम्बन्धित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय अथवा उद्यान निदेशालय स्थित आलू प्रकोष्ठ के प्रभारी के मो.न. 8299744571 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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