राजगुरु को महान क्रांतिकारी और अप्रतिम योद्धा बताया
बहराइच ब्यूरो 06 सितंबर। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने महान क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु को स्वतंत्रता आंदोलन का अप्रतिम योद्धा बताते हुए उनके जीवन एवं शहादत को याद किया
राजगुरु को महान क्रांतिकारी और अप्रतिम योद्धा बताया
बहराइच ब्यूरो 06 सितंबर।
स्थानीय सेनानी भवन सभागार में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने महान क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु को स्वतंत्रता आंदोलन का अप्रतिम योद्धा बताते हुए उनके जीवन एवं शहादत को याद किया। कार्यक्रम में आत्मीय पूर्वजों, स्वतंत्रता सेनानियों, वीरांगनाओं एवं क्रांतिकारी शहीदों को श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का सामूहिक गायन हुआ तथा राजगुरु के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिला इकाई बहराइच-श्रावस्ती के संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि राजगुरु का पूरा नाम शिवराम हरि राजगुरु था। उनका जन्म महाराष्ट्र के पुणे जिले में हुआ था। कम उम्र में ही पिता का निधन होने के बाद वह बनारस आ गए, जहां उन्होंने संस्कृत एवं धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया। बचपन से ही उन्हें तैराकी, कुश्ती और निशानेबाजी का विशेष शौक था। कानपुर में उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद से हुई और वह उनके क्रांतिकारी संगठन से जुड़ गए। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने बताया कि लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के उद्देश्य से राजगुरु ने भगत सिंह के साथ मिलकर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जे.पी. सॉन्डर्स पर गोली चलाई थी। लाहौर षड्यंत्र केस में उन्हें मृत्युदंड सुनाया गया। राजगुरु को भगत सिंह और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दी गई। उन्होंने कहा कि राजगुरु एक कुशल निशानेबाज थे और हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के महत्वपूर्ण सदस्य रहे। जिला संगठन के महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत ने देश के युवाओं में आजादी के प्रति जोश और क्रांतिकारी चेतना को और तेज किया। उनके बलिदान से प्रेरित होकर हजारों युवा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने राजगुरु की देशभक्ति, साहस और शहादत को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में संगठन उपाध्यक्ष विशेश्वर नाथ अवस्थी, ब्लाक अध्यक्ष हुजूरपुर रवींद्र कुमार सिंह, परमजीत, शिव नारायण, जाहिर अली, दोस्त मोहम्मद, श्याम लाल गौतम, अंगनू राम, विद्या राम मौर्य सहित दर्जनों सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।




