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उत्तर प्रदेश

बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू

लो-वोल्टेज, अघोषित कटौती और जर्जर विद्युत लाइनों से परेशान उपभोक्ताओं ने उठाई आवाज, विभाग ने मांगा समय

बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू

लो-वोल्टेज, अघोषित कटौती और जर्जर विद्युत लाइनों से परेशान उपभोक्ताओं ने उठाई आवाज, विभाग ने मांगा समय

 

 

मिहींपुरवा, बहराइच ब्यूरो

31 अगस्त

बलहा विधानसभा क्षेत्र में लगातार बनी विद्युत समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। लो-वोल्टेज, अघोषित बिजली कटौती, अनियमित विद्युत आपूर्ति और जर्जर विद्युत लाइनों की समस्या से परेशान लोगों ने 30 अगस्त 2026 को अपराह्न दो बजे से मिहींपुरवा स्थित शहीद स्मारक स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय उपभोक्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

आंदोलनकारियों की ओर से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को मांगपत्र भेजकर विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। बार-बार अधिकारियों को ज्ञापन और प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

तीन माह में उर्रा विद्युत उपकेंद्र पूरा कराने की मांग

आंदोलनकारियों ने बलहा विधानसभा क्षेत्र के उर्रा ग्राम पंचायत में प्रस्तावित नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण अधिकतम तीन माह के भीतर पूरा कराने की मांग की है। इसके साथ ही पिछले छह माह के बिजली बिल माफ करने तथा विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने तक कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मांग भी रखी गई है।

मिहींपुरवा नगर पंचायत क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, नगर पंचायत क्षेत्र के लिए स्वतंत्र विद्युत आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा मुख्य बाजार चौराहे पर लगे दो ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

इसके अलावा नानपारा-मिहींपुरवा 33 केवी विद्युत लाइन के जर्जर तार, पोल, पिन और अन्य उपकरणों को शीघ्र बदलने की मांग की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कार्य जल्द कराने पर जोर दिया गया।

मांगपत्र पर श्रेयांश यशस्वी, राहुल मदेशिया, ऋतिक सिंह, अभय यादव और उत्कर्ष सिंह के हस्ताक्षर हैं। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को पूर्व सूचना देते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाने की मांग की है।

विभाग ने कहा- कार्य शुरू, समस्याओं के समाधान के लिए समय जरूरी

इस संबंध में विद्युत विभाग के नव नियुक्त एसडीओ ने बताया कि उनकी तैनाती मिहींपुरवा क्षेत्र में करीब एक माह पूर्व हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ 24 अगस्त को उप जिलाधिकारी के माध्यम से वार्ता हुई थी, जिसमें विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग की ओर से समय मांगा गया था।

एसडीओ के अनुसार नानपारा से मिहींपुरवा फीडर तक आने वाली 33 केवी लाइन को दुरुस्त कराने का कार्य कराया गया है। उनका कहना है कि सबसे पहले विद्युत आपूर्ति को मिहींपुरवा फीडर तक सुचारु रूप से पहुंचाना जरूरी है। इसके बाद फीडर से आगे की विद्युत व्यवस्था में आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आवश्यक विद्युत सामग्री के लिए विभाग की ओर से डिमांड भेजी जा चुकी है। सामग्री उपलब्ध होते ही संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा। विभाग की ओर से लगभग एक माह के भीतर विद्युत व्यवस्था से जुड़ी अधिकांश समस्याओं के समाधान का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

एसडीओ ने बताया कि 33 केवी लाइन के सुधार के साथ-साथ जालिमनगर लाइन के जर्जर तारों को बदलने तथा गंगापुर क्षेत्र में आवश्यक पोल लगाने का कार्य भी कराया जा रहा है। वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 5 केवीए के ट्रांसफार्मर की मांग भेजी गई है। वहीं उर्रा में प्रस्तावित विद्युत फीडर को लेकर भी विभाग की ओर से पत्र भेजा जा चुका है।

उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार बारिश होने के कारण विद्युत सुधार कार्यों में भी कुछ व्यवधान आया है। विभाग सभी समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से दूर करने में जुटा है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को कार्य पूरा कराने के लिए विभाग को कुछ समय देना होगा।

क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि विद्युत समस्या का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह है कि विभाग की ओर से किए जा रहे सुधार कार्य कितनी तेजी से धरातल पर दिखाई देते हैं और आमरण अनशन का समाधान किस स्तर पर निकलता है।

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