बनघुसरा पंचायत में विकास कार्यों की जांच, अभिलेखों की कमी से उठे सवाल
विशेश्वरगंज, बहराइच ब्यूरो ग्राम पंचायत बनघुसरा में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मंगलवार को अधिकारियों की टीम ने जांच की

बनघुसरा पंचायत में विकास कार्यों की जांच, अभिलेखों की कमी से उठे सवाल
विशेश्वरगंज, बहराइच ब्यूरो
ग्राम पंचायत बनघुसरा में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मंगलवार को अधिकारियों की टीम ने जांच की। जांच के दौरान कई कार्यों से संबंधित अभिलेख अधूरे मिलने तथा कुछ कार्यों की फाइलें उपलब्ध न होने की बात सामने आई। इससे जांच की प्रक्रिया और शिकायतों की वास्तविकता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता पवन कुमार पुत्र लल्लन प्रसाद निवासी बनघुसरा ने ग्राम पंचायत में पिछले करीब पांच वर्षों के दौरान नल मरम्मत एवं अन्य संबंधित कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक इन कार्यों में करीब 22 से 25 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा है, लेकिन जांच के समय अधिकारियों को केवल लगभग 25 नलों से संबंधित अभिलेख ही उपलब्ध कराए जा सके। शिकायतकर्ता का कहना है कि उपलब्ध फाइल भी पूरी नहीं थी और उसमें करीब छह से सात लाख रुपये के भुगतान का ही विवरण स्पष्ट रूप से सामने आया। पंचायत भवन के खर्चों का भी मामला जांच के दौरान पंचायत भवन से जुड़े कार्यों के अभिलेखों को भी देखा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार फोटोकॉपी, स्टेशनरी, साफ-सफाई और टाइल्स आदि मदों में भुगतान किया गया है। इनमें टाइल्स से संबंधित एक फाइल जांच टीम को मिली, लेकिन वह भी पूर्ण नहीं बताई गई। अन्य मदों से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध न होने का आरोप लगाया गया है। गौशाला के भुगतान पर भी मांगा गया हिसाब ग्राम पंचायत की गौशाला में कराए गए विभिन्न कार्यों और मदों में किए गए भुगतान का रिकॉर्ड भी जांच के दौरान चर्चा में रहा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मांगे जाने के बावजूद कई भुगतानों से संबंधित दस्तावेज जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। वहीं ग्राम प्रधान बलदेव से जानकारी लेने पर भी कुछ भुगतान के संबंध में संतोषजनक विवरण नहीं मिल पाने का दावा किया गया है। कायाकल्प समेत कई कार्य जांच के घेरे में ग्राम पंचायत में कायाकल्प योजना के तहत कराए गए कार्य, ह्यूम पाइप तथा सोखपिट निर्माण के नाम पर हुए भुगतानों को लेकर भी शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक जांच के समय कायाकल्प से संबंधित फाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण इस कार्य की विस्तृत पड़ताल नहीं हो सकी। इसी प्रकार अन्य निर्माण एवं विकास कार्यों के मूल अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग भी जांच के दौरान सामने आई। अभिलेख नहीं तो जांच की निष्पक्षता पर सवाल जांच टीम में कृषि विभाग के डीडीएजी, डीआरडीए के सहायक अभियंता, कृषि विभाग के जेई और उद्यान अधिकारी मौजूद रहे। शिकायतकर्ता पवन कुमार का कहना है कि जब शिकायत में शामिल कई कार्यों की मूल फाइलें और भुगतान से संबंधित अभिलेख ही जांच टीम के सामने नहीं हैं तो जांच किस आधार पर पूरी होगी, यह महत्वपूर्ण सवाल है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने ग्राम स्वराज पोर्टल से ग्राम पंचायत के विभिन्न कार्यों के बिल और वाउचर पहले ही प्राप्त कर रखे हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में भी हुई जांच में सभी मूल अभिलेखों की समुचित पड़ताल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच की रिपोर्ट आने के बाद यदि उन्हें जांच में कमी दिखाई देती है तो वह न्यायालय की शरण लेने पर विचार करेंगे। सचिव के निलंबन का भी लगाया आरोप शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत सचिव सुशील कुमार के पूर्व में किसी अन्य भ्रष्टाचार संबंधी मामले में निलंबित होने का दावा भी किया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित विभाग की ओर से निलंबन आदेश की जानकारी खबर लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सकी। अब जांच अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ग्राम पंचायत बनघुसरा में कराए गए विकास कार्यों और उनके भुगतान से संबंधित अभिलेखों की वास्तविक स्थिति क्या है तथा शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।




