लक्ष्मणपुर घाट से गूंजे बोल बम के जयकारे, 45 KM पैदल चलकर जंगली बाबा को जल चढ़ाएंगे कांवड़िए
सीमा क्षेत्र लक्ष्मणपुर घाट (नवाबगंज): सावन के पवित्र महीने में शिव भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। सीमा क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर घाट पर आज सुबह से ही कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सैकड़ों कांवड़ियों ने लक्ष्मणपुर घाट पर आस्था की डुबकी लगाकर जल भरा और 45 किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन जंगली बाबा धाम के लिए पैदल रवाना हुए।

लक्ष्मणपुर घाट से गूंजे बोल बम के जयकारे, 45 KM पैदल चलकर जंगली बाबा को जल चढ़ाएंगे कांवड़िए
सीमा क्षेत्र लक्ष्मणपुर घाट (नवाबगंज): सावन के पवित्र महीने में शिव भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। सीमा क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर घाट पर आज सुबह से ही कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सैकड़ों कांवड़ियों ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर जल भरा और 45 किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन जंगली बाबा धाम के लिए पैदल रवाना हुए।
कांवड़ियों का जत्था “बोल बम – हर हर महादेव” के गगनभेदी नारों के साथ नंगे पैर यात्रा पर निकला है। कांवड़िए लक्ष्मणपुर घाट से जल लेकर नवाबगंज, शंकरपुर होते हुए जंगली बाबा मंदिर पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगली बाबा धाम की यह परंपरा वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जल चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस बार यात्रा में युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग और महिला कांवड़ियों की संख्या भी काफी अधिक है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यात्रा को लेकर थाना नवाबगंज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
घाट से लेकर मंदिर तक पूरे 45 किमी रूट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग, महिला पुलिस की तैनाती और सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रूट डायवर्जन भी किया गया है और एंबुलेंस व मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया है।” – *जितेंद्र कुमार यादव, प्रभारी निरीक्षक, थाना नवाबगंज*
पुलिस ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी सहायता के लिए तत्काल पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा कांवड़ियों के लिए जलपान और भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।




