उत्तर प्रदेश

सेनानी उत्तराधिकारियों ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों से जुड़ने का आह्व

बहराइच 16 अगस्त। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में जिले भर से आए सैकड़ों स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्यों ने 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

सेनानी उत्तराधिकारियों ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों से जुड़ने का आह्व

 

बहराइच 16 अगस्त। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में जिले भर से आए सैकड़ों स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्यों ने 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे संगठन कार्यालय सेनानी भवन पर जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कबूतरी देवी द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद सुबह 9 बजे महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगठन के सदस्यों ने पूज्य महात्मा गांधी, सरदार जोगेन्द्र सिंह, रफी अहमद किदवई, पंडित वैद्य भगवान दीन मिश्र, सरदार वल्लभभाई पटेल तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। माल्यार्पण कार्यक्रम के उपरांत सेनानी भवन सभागार में “स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन और आज की युवा पीढ़ी” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, सेनानियों के त्याग एवं बलिदान तथा वर्तमान युवा पीढ़ी की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि देश को आजादी दिलाने वाले वीरों के संघर्ष और उनके आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। गोष्ठी में संगठन संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी, प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र, विशेष कार्याधिकारी भानु प्रताप द्विवेदी एडवोकेट, संगठन अध्यक्ष कर्मवीर सिंह एडवोकेट, महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया, आदित्य भान सिंह, उपाध्यक्ष विशेश्वर नाथ अवस्थी, रामदीन गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष हुजूरपुर रवीन्द्र कुमार सिंह, शहर संगठन मंत्री कामरान सिद्दीकी, साहित्यकार एवं कवि लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ‘मृदुल’, संतोष कुमार तिवारी, मोहर्रम अली, अल्लन बहराइची सहित बड़ी संख्या में सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि देश के प्रति कर्तव्य, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा है। युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम सुबह से शुरू होकर शाम करीब 4 बजे तक चला। इस दौरान सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्यों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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