स्वस्थ मां, सुपोषित बच्चा नव बहराइच का सच्चा आधार
25 सितम्बर। जनपद में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को लेकर निरंतर जागरूकता एवं सेवा कार्य किए जा रहे हैं

स्वस्थ मां, सुपोषित बच्चा नव बहराइच का सच्चा आधार
बहराइच ब्यूरो
25 सितम्बर। जनपद में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को लेकर निरंतर जागरूकता एवं सेवा कार्य किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा बच्चों को आवश्यक पोषण सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पोषण आहार उपलब्ध कराने के साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा समय से टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित शारीरिक तथा मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर परिवारों को पोषण के महत्व की जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को बताया जा रहा है कि गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन लेने से मां के स्वास्थ्य के साथ गर्भस्थ शिशु के विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। धात्री माताओं को शिशु को जन्म के बाद शीघ्र स्तनपान कराने तथा निर्धारित अवधि तक केवल स्तनपान कराने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों को उम्र के अनुसार पूरक आहार देने, साफ-सफाई रखने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए परिवारों को प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषण के संभावित मामलों की पहचान कर आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल पोषण आहार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि परिवारों में पोषण संबंधी व्यवहार में स्थायी सुधार लाना भी है, ताकि बच्चों में कुपोषण की स्थिति को रोका जा सके और उन्हें स्वस्थ वातावरण मिल सके। अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि शासन द्वारा संचालित पोषण एवं मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समय से पहुंचाया जाए। साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी की जाए। विभाग द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को परिवार की प्राथमिकता बनाएं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ‘स्वस्थ मां, सुपोषित बच्चा’ की अवधारणा को साकार करने के लिए चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण परिवारों में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




