गर्भवती महिलाओं की होगी टीबी स्क्रीनिंग, बलहा और हुजूरपुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू
हर एएनसी विजिट पर होगी जांच, ई-कवच व आरसीएच पोर्टल से होगी डिजिटल निगरानी

गर्भवती महिलाओं की होगी टीबी स्क्रीनिंग, बलहा और हुजूरपुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू
हर एएनसी विजिट पर होगी जांच, ई-कवच व आरसीएच पोर्टल से होगी डिजिटल निगरानी
बहराइच ब्यूरो
25 सितम्बर। जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की प्रत्येक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के दौरान टीबी यानी क्षयरोग की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। इसके लिए ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के सहयोग से जनपद के बलहा और हुजूरपुर विकासखंड में पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया है। परियोजना की शुरुआत करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में टीबी की समय से पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब प्रत्येक एएनसी विजिट के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं में टीबी से संबंधित संभावित लक्षणों की स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि किसी महिला में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी आवश्यक जांच तत्काल कराई जाएगी और रोग की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाएगा। गंभीर अथवा जटिल स्थिति में महिला को उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर भी किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को टीबी की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, फॉलोअप तथा अभिलेखीकरण के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार से जुड़ी प्रत्येक महत्वपूर्ण जानकारी आरसीएच यानी रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ तथा ई-कवच पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। डिजिटल माध्यम से रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से गर्भवती महिलाओं की जांच, उपचार और फॉलोअप की नियमित निगरानी संभव होगी। साथ ही किसी महिला में टीबी के लक्षण पाए जाने के बाद उसकी जांच और उपचार की स्थिति की भी जानकारी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस पहल से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा संभावित टीबी रोगियों की पहचान शुरुआती स्तर पर किए जाने में मदद मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर आगे इसकी प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा, ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट के राज्य एवं जिला स्तरीय प्रतिनिधि, डीएचईआईओ बृजेश सिंह, डीपीएम मो. राशिद सहित बलहा और हुजूरपुर ब्लॉक के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।




