तारा महिला इंटर कॉलेज में छात्राओं को पॉक्सो कानून की दी गई जानकारी
बहराइच ब्यूरो 25 सितम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच की ओर से जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रति विद्यार्थियों एवं आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया

तारा महिला इंटर कॉलेज में छात्राओं को पॉक्सो कानून की दी गई जानकारी
बहराइच ब्यूरो
25 सितम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच की ओर से जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रति विद्यार्थियों एवं आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार यादव के तत्वावधान में आयोजित अभियान के दौरान विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों, अपराधों के कानूनी परिणामों तथा संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। अभियान के तहत तारा महिला इंटर कॉलेज में प्रातःकालीन सभा के दौरान छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों एवं इसके तहत निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। छात्राओं को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बालक है तथा पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बालक की सहमति का कानूनी महत्व नहीं है। जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को अज्ञानता के कारण होने वाले अपराधों और उनके गंभीर कानूनी परिणामों से भी अवगत कराया गया। इसी क्रम में विहान बालिका आवासीय विद्यालय में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह कानूनन निषिद्ध है और बच्चों को किसी भी प्रकार के लैंगिक शोषण अथवा संकट की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल सहायता लेनी चाहिए। छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112, बाल कल्याण समिति तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार यादव ने अभिभावकों एवं आमजन से अपील की कि वे बच्चों को उनके अधिकारों और कानून की जानकारी देने के साथ उनके साथ सहज एवं मित्रवत व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने और उनकी बातों को गंभीरता से सुनने से उनमें अपनी समस्याएं अभिभावकों के साथ साझा करने का विश्वास पैदा होगा। इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्ता डॉ. ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा नानपारा स्थित विद्यालय में भी जागरूकता शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम एवं बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में बाल सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर कानूनी समझ को मजबूत करना रहा।




