मानदेय वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा पर 800 ग्राम प्रहरी सम्मानित
, बहराइच ब्यूरो 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किए जाने और उन्हें व उनके परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद बहराइच पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह आयोजित किया गया

मानदेय वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा पर 800 ग्राम प्रहरी सम्मानित
, बहराइच ब्यूरो 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किए जाने और उन्हें व उनके परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद बहराइच पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 800 ग्राम प्रहरियों को कंबल, टॉर्च, साफा एवं धोती वितरित कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की। पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और ग्राम प्रहरियों ने देखा। समारोह में सांसद बहराइच डॉ. आनंद कुमार गोंड, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, बहराइच विधायक अनुपमा जायसवाल, नानपारा विधायक राम निवास वर्मा तथा भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समारोह का उद्देश्य ग्राम प्रहरियों के योगदान को सम्मान देना और उनका उत्साहवर्धन करना रहा। ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। गांवों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और अपराध नियंत्रण में सहयोग देने में उनकी अहम भूमिका होती है। मानदेय में वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा से ग्राम प्रहरियों तथा उनके परिवारों को आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे ग्राम प्रहरियों का मनोबल बढ़ेगा और वे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में और अधिक सक्रियता से अपना योगदान दे सकेंगे।




