62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा में पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई
भिनगा, दिनांक 21 अक्टूबर 2026। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा परिसर में देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया

62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा में पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई
भिनगा, दिनांक 21 अक्टूबर 2026। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा परिसर में देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण, वाहिनी के अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण एवं जवानों ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण द्वारा देश की सुरक्षा एवं सेवा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों के नामों का वाचन किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जवानों ने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-चीन सीमा पर गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों के एक दल पर चीनी सैनिकों द्वारा हमला किया गया था। इस घटना में 10 वीर पुलिसकर्मी शहीद हो गए तथा सात कर्मियों को बंदी बना लिया गया। इन वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्हीं की स्मृति में जनवरी 1960 में आयोजित पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
यह दिवस हमें राष्ट्र की सुरक्षा एवं नागरिकों की सेवा में समर्पित पुलिस बलों के त्याग, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की याद दिलाता है। साथ ही, यह सभी बल कार्मिकों को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश देता है।
“शहीदों का बलिदान अमर रहे, राष्ट्र के प्रति समर्पण हमारा संकल्प रहे।”




