62वीं वाहिनी एसएसबी भिनगा में विजयदशमी पर रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेले का भव्य आयोजन
भिनगा, 20 अक्टूबर 2026। विजयदशमी के पावन अवसर पर 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा में कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारजनों तथा बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

62वीं वाहिनी एसएसबी भिनगा में विजयदशमी पर रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेले का भव्य आयोजन
भिनगा, 20 अक्टूबर 2026। विजयदशमी के पावन अवसर पर 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा में कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारजनों तथा बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।
कार्यक्रम के दौरान रावण दहन किया गया, जो बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसके उपरांत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में संदीक्षा सदस्यों एवं बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेले में भी सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी संदीक्षा सदस्यों एवं बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण ने उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विजयदशमी का पर्व हमें सत्य, धर्म, न्याय एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व संदेश देता है कि अंततः सत्य की विजय होती है और बुराई पर अच्छाई की जीत सुनिश्चित है। इस प्रकार के आयोजन बल कार्मिकों एवं उनके परिवारों के बीच आपसी सौहार्द, एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर संदीक्षा अध्यक्षा श्रीमती प्रेरणा शर्मा सहित वाहिनी के अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण, जवान, संदीक्षा परिवारजन एवं बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उत्साह, उल्लास एवं आपसी सौहार्द के वातावरण में हुआ।
सेवा, सुरक्षा एवं बंधुत्व।




