उत्तर प्रदेश

एसडीएम मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ मिहींपुरवा तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस

मिहींपुरवा बहराइच   प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस शनिवार को मिहींपुरवा तहसील सभागार में नवागत उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

एसडीएम मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ मिहींपुरवा तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस

 

हरि गविंद ब्यूरो उजाला हिंद न्यूज़ चैनल बहराइच

 

मिहींपुरवा बहराइच

प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस शनिवार को मिहींपुरवा तहसील सभागार में नवागत उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समाधान दिवस में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने राजस्व, पुलिस, विद्युत, पूर्ति, विकास, शिक्षा तथा अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने गंभीरता के साथ सभी शिकायतों को सुना तथा उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 48 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 46 प्रार्थना पत्र संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए उप जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच कर वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करें। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा पुहुप सिंह, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार नायक, नायब तहसीलदार ऋषि मिश्रा, अनिल प्रकाश शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि अंशुल कुमार, विद्युत विभाग के एसडीओ लल्लन कुमार, सीडीपीओ गरिमा श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक कौशलेंद्र प्रताप, ज्वाइंट बीडीओ मिहींपुरवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नवागत उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में आयोजित यह पहला संपूर्ण समाधान दिवस होने के कारण क्षेत्र के लोगों की निगाहें उनकी कार्यशैली पर रहीं। फरियादियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान होगा। अब यह देखना होगा कि नवागत एसडीएम जनता की अपेक्षाओं और शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की कसौटी पर कितना खरा उतरती हैं।

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