मौर्य समाज के मुद्दों पर मौन रहने वाले समाज के नेताओं की “मरी हुई आत्मा” को दी गई श्रद्धांजलि।
बहराइच:- मौर्य समाज पर लगातार हो रहे अत्याचार, शोषण एवं हत्याओं के बावजूद सत्ता के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे समाज के नेताओं की चुप्पी के विरोध में आशीष कुमार मौर्य सामाजिक कार्यकर्ता के नेतृत्व में जिला मुख्यालय बहराइच में धरना स्थल से भीम राव अम्बेडकर पार्क तक कैंडल मार्च निकाला गया

मौर्य समाज के मुद्दों पर मौन रहने वाले समाज के नेताओं की “मरी हुई आत्मा” को दी गई श्रद्धांजलि।
बहराइच:- मौर्य समाज पर लगातार हो रहे अत्याचार, शोषण एवं हत्याओं के बावजूद सत्ता के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे समाज के नेताओं की चुप्पी के विरोध में आशीष कुमार मौर्य सामाजिक कार्यकर्ता के नेतृत्व में जिला मुख्यालय बहराइच में धरना स्थल से भीम राव अम्बेडकर पार्क तक कैंडल मार्च निकाला गया।इस कैंडल मार्च के माध्यम से उन नेताओं की “मरी हुई आत्मा” को प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि दी गई, जो सत्ता में रहते हुए समाज पर हो रहे अत्याचार, शोषण और हत्या की घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज तक नहीं उठा पा रहे हैं।
आशीष कुमार मौर्य ने कहा कि जिन नेताओं को समाज ने अपना वोट व साथ देकर पद या सत्ता तक पहुंचाया, वही नेता पद या सत्ता की कुर्सी मिलते ही समाज के दर्द और संघर्ष को भूल गए हैं। समाज के लोगों की हत्या हो, उनके साथ अत्याचार हो या उनका शोषण—इन नेताओं के मुंह से आवाज तक नहीं निकलती। लेकिन चुनाव आते ही समाज का वोट और समाज की एकता उन्हें याद आने लगती है।
उन्होंने कहा, “जब समाज को आपके वोट की जरूरत थी, तब समाज आपके साथ खड़ा रहा। अब जब समाज को आपकी आवाज की जरूरत है, तो आप चुप क्यों हैं? सत्ता की कुर्सी इतनी प्यारी है कि समाज का दर्द भी दिखाई देना बंद हो गया?”उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब समाज केवल नेताओं के चुनावी भाषणों और वादों पर भरोसा नहीं करेगा। अब हिसाब होगा—किसने समाज के साथ खड़े होकर आवाज उठाई और किसने सत्ता में रहते हुए चुप्पी साधे रखी।आशीष कुमार मौर्य ने कहा कि अब नारा केवल “वोट हमारा” नहीं, बल्कि “वोट हमारा, निर्णय हमारा” होगा। जो नेता समाज के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए संघर्ष करेगा, समाज उसके साथ खड़ा होगा। लेकिन जो नेता सत्ता में पहुंचकर केवल अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहेंगे और समाज के अत्याचार पर मौन रहेंगे, ऐसे नेताओं के राजनीतिक बहिष्कार का निर्णय समाज लेने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा कि यह कैंडल मार्च एक चेतावनी भी है कि मौर्य समाज अब जाग चुका है। समाज के वोट को किसी की जागीर समझने की भूल कोई न करे।इस अवसर पर माधव राज मौर्य, रामू मौर्य, स्वामी दयाल मौर्य,रक्षा राम मौर्य, विजय कुमार मौर्य, सम्राट राकेश पटेल, अर्जुन सिंह पटेल, अरविन्द चौधरी, अंकित मौर्य, ओम प्रकाश वर्मा, दीपक मौर्य, लोकेश मौर्य, दिवाकर मौर्य, एडोकेट संजीव कुमार मौर्य , पवन कुमार मौर्य, शिव कुमार मौर्य,राम गोपाल मौर्य,अनूप कुमार मौर्य,रमेश कुमार मौर्य,डॉ आशीष कुमार मौर्य सहित दर्जनों मौर्य समाज उपस्थित रहे।




