पुलिसकर्मियों को दिया गया एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण
बहराइच ब्यूरो 26 सितंबर। पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में 25 सितंबर को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम हॉल में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था के सहयोग से जनपद के पुलिसकर्मियों के लिए एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

पुलिसकर्मियों को दिया गया एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण
बहराइच ब्यूरो 26 सितंबर। पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में 25 सितंबर को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम हॉल में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था के सहयोग से जनपद के पुलिसकर्मियों के लिए एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक कर्णिक आर. जामवर के पर्यवेक्षण एवं प्रतिसार निरीक्षक दिलीप कुमार द्विवेदी की उपस्थिति में आयोजित प्रशिक्षण में करीब 178 पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद स्थापित करने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेष रूप से श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों से प्रभावी संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने तथा उन्हें पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए सांकेतिक भाषा के प्रयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्राथमिक ज्ञान प्रदान कर श्रवण बाधित एवं दिव्यांगजनों के साथ सहज, संवेदनशील एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने में सक्षम बनाना रहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पुलिस सेवाओं का लाभ सम्मानपूर्वक और सुगमता से मिल सके। कार्यक्रम में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महत्वपूर्ण सहभागिता की। संस्था की ओर से वरुण कुमार गुप्ता, अभिषेक कुमार सिन्हा, मोहम्मद नदीम, संजीत वर्मा, वसीम खान, राहुल देव त्रिपाठी, अल्तमस सैनी, मोहित किशन एवं सद्दाम सहित अन्य सदस्यों ने सहभागिता की। लखनऊ से आए सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर प्रमोश साहू, सुष्री आरती एवं सुष्री मोनी विमल ने पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद स्थापित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं इंटरप्रेटर्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।




