वृहद गो संरक्षण केन्द्र सेमरहना का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
मिहीन पुरवा बहराइच ब्यूरो 13 सितंबर। जनपद में स्थापित गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों हेतु की गई व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उद्देश्य से नवागत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व अपर जिलाधिकारी अमित कुमार के साथ तहसील मिहींपुरवा अन्तर्गत ग्राम सेमरहना में स्थापित वृहद गो संरक्षण केन्द्र का भ्रमण किया

वृहद गो संरक्षण केन्द्र सेमरहना का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
मिहीन पुरवा बहराइच ब्यूरो 13 सितंबर।
जनपद में स्थापित गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों हेतु की गई व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उद्देश्य से नवागत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व अपर जिलाधिकारी अमित कुमार के साथ तहसील मिहींपुरवा अन्तर्गत ग्राम सेमरहना में स्थापित वृहद गो संरक्षण केन्द्र का भ्रमण किया। गो आश्रय स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा वृहद गो संरक्षण केन्द्र का निरीक्षण करते हुए गोपूजन कर गोवंशों को गुड़ व फल खिलाकर गौमाता व नंदी का सम्मान किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में यहां पर 397 गोवंश संरक्षित हैं। जिसमें 108 नर तथा 289 मादा गोवंश हैं। बताया गया कि संरक्षित गोवंश हेतु 200 कुण्टल भूसा, 07 कुण्टल पशुआहार व 40 कि.ग्रा. नमक उपलब्ध है।
जिलाधिकारी द्वारा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक दिवस स्वयं या अपने अधीनस्थ पशुधन प्रसार अधिकारी या पैरावेटों के माध्यम से भ्रमण कर रूग्ण गोवंशों को आवश्यकतानुसार विटामिन, मिनरल्स, चिकित्सा एवं टीकाकरण कर सभी संरक्षित गोवंशों हेतु मानक के अनुसार भूसा, चारा, दाना व हरा चारा की उपलब्धता की सुनिश्चित की जाय। खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया गया कि केन्द्र पर उत्पादित गोबर के सदुपयोग के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को गो संरक्षण केन्द्र से जोड़कर वर्मी कम्पोस्ट व गोबर के उपले व अन्य उत्पाद तैयार कराये ंजाएं। डीएम ने इस कार्य के लिए स्वयं सहायमा समूहों के आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने तथा आवश्यकतानुसार उपकरण क्रय किये जाने का भी निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि वृहद गो संरक्षण केन्द्र द्वारा तैयार उत्पादों की भरथापुर के नाम से ब्रांडिंग भी की जाय।
वर्ष के प्रत्येक महीने में संरक्षित गोवंशों हेतु हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु डीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे कृषकों को चिन्हित किया जाये जिनके खेत प्रायः माह फरवरी व मार्च में खाली रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कृषकों से अनुबन्ध करके हरा चारा क्रय करने की व्यवस्था की जाय। डीएम ने निर्देश दिया कि वृहद गो संरक्षण केन्द्र के प्रवेश द्वार से शेड, आफिस, गोदाम तक खड़ंजा लगवाया जाय। केन्द्र में स्थापित सी.सी.टी.वी. कैमरों की शत-प्रतिशत क्रियाशीलता, इंटरनेट तथा विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ जिला स्तर पर स्थापित कमाण्ड सेन्टर लिंक्ड रखने के भी निर्देश दिये गये।
डीएम ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। गोसंरक्षण केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए गोवंश को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देष दिया कि गोबर गैस संयंत्र के साथ स्थापित जनरेटर को क्रियाशील रखा जाय। डीएम ने शत-प्रतिशत गोवंशों की टैगिंग कराने के साथ-साथ सभी सम्बन्धित अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारी व संचालक को निर्देश दिया कि नियमित रूप अनुश्रवण व पर्यवेक्षण करते हुए यहा की समस्त व्यवस्थाओं को चाक-चौबन्द रखा जाय। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मिहींपुरवा मोनालिसा चौहरी, जिला पंचायत राज अधिकारी चन्द्रभान सिंह, अधि.अभि. लो.नि.वि., तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




