डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक
बहराइच ब्यूरो 24 सितंबर। बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अभियोजन विभाग की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विभिन्न न्यायालयों में योजित गम्भीर धाराओं में अपराधियों के विरुद्ध प्रचलित मुकदमों पर विशेष चर्चा करते हुए ट्रायल को गति देने के निर्देश दिये गये।

डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक
बहराइच ब्यूरो 24 सितंबर।
बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अभियोजन विभाग की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विभिन्न न्यायालयों में योजित गम्भीर धाराओं में अपराधियों के विरुद्ध प्रचलित मुकदमों पर विशेष चर्चा करते हुए ट्रायल को गति देने के निर्देश दिये गये। डीएम ने निर्देश दिया कि जिन प्रकरणों में दोष मुक्ति हुई है उनकी विशेष समीक्षा कर अपील में जाने योग्य वादों में समयबद्ध रुप से अपील कर प्रभावी पैरवी की जाय।
संयुक्त निदेशक अभियोजन संजय कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि माह अगस्त में बहराइच सत्र एवं अपर सत्र न्यायालयों द्वारा मामलों में फैसला सुनाते हुए 13 मामलों में दोषसिद्धि प्रदान की गयी, जिसमें 6 मामलों में आजीवन कारावास सुनाया गया तथा एक मामले में 12 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4.7 लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तीन मामलों में से एक मामले में 12 वर्ष का सश्रम कारावास के साथ एक लाख का जुर्माना अधिरोपित करते हुए दो मामले में सजाएं करायीं गयी हैं।
श्री सिंह ने बताया कि थाना मुर्तिहा से संबंधित गैंगेस्टर के एक मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। पयागपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एक बलात्कार के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 90 हजार तथा कोतवाली नानपारा के एक अन्य मामले में 7 वर्ष का कारावास एवं 18 हजार का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों में योजित वादों में नियमित रूप से साक्षियों की उपस्थिति एवं निगरानी की जा रही है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कन्दर्पेश द्विवेदी, अभियोजन अधिकारी निर्मल यादव, बृजेन्द्र विक्रम सिंह, प्रमोद पटेल, विजय कुमार, नीरज पाण्डेय, जीतेन्द्र प्रताप सिंह एवं डीजीसी क्रिमिनल राघवेन्द्र प्रताप सहित अभियोजन से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।




