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उत्तर प्रदेश

बेटियों को शिक्षा से जोड़ने की पहल, 23 बालिकाओं का स्कूलों में कराया दाखिला

बहराइच ब्यूरो 19  सितंबर। “पढ़ेगी बेटी, तभी तो बढ़ेगी बेटी” के संकल्प के साथ अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा जनपद बहराइच की 10 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण परियोजना संचालित की जा रही

बेटियों को शिक्षा से जोड़ने की पहल, 23 बालिकाओं का स्कूलों में कराया दाखिला

 

 

बहराइच ब्यूरो 19

सितंबर। “पढ़ेगी बेटी, तभी तो बढ़ेगी बेटी” के संकल्प के साथ अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा जनपद बहराइच की 10 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के तहत करीब 2500 महिलाओं को संगठन से जोड़कर मजबूत महिला संगठन का निर्माण किया गया है। नारी संघ की मासिक बैठकों में महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, योजनाओं का लाभ दिलाने, संबंधित अधिकारियों से संपर्क एवं पैरवी करने के साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूक किया जा रहा है। नारी संघ के माध्यम से बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल यौन शोषण, महिला अधिकार, कानून, लैंगिक आधारित हिंसा और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर महिलाओं एवं ग्रामीण समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में अप्रैल माह में “बेटी शिक्षा अभियान” चलाकर पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं की पहचान की गई। अपराजिता नारी संघ परिवार की टीम ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों से संवाद कर शिक्षा के महत्व को समझाया तथा उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। टीम ने विद्यालयों से टीसी एवं अंकपत्र निकलवाने, आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने और संबंधित विद्यालयों में दाखिला कराने में सहयोग किया। संस्था सचिव किरण बैस ने बताया कि लैंगिक आधारित हिंसा और घरेलू हिंसा को कम करने में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षित बालिकाएं अपने अधिकारों एवं कानूनों को बेहतर ढंग से समझने के साथ भविष्य के संबंध में उचित निर्णय लेने में सक्षम होती हैं। उन्होंने बताया कि अपराजिता टीम के लगातार प्रयासों से अब तक 23 बालिकाओं का विभिन्न विद्यालयों में दाखिला कराया जा चुका है। इनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों की बालिकाएं हैं और कई का निःशुल्क दाखिला नारी संघ के माध्यम से कराया गया है। अभियान का उद्देश्य केवल बालिकाओं का विद्यालय में दाखिला कराना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़कर उनके अधिकारों, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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