उत्तर प्रदेश

कीचड़ और जलभराव से बदहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा परिसर, मरीज-तीमारदार परेशान गंदगी पर नजर नहीं जा रही विधायक जी की 

मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा का परिसर इन दिनों कीचड़, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।

कीचड़ और जलभराव से बदहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा परिसर, मरीज-तीमारदार परेशान गंदगी पर नजर नहीं जा रही विधायक जी की

 

 

 

मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा का परिसर इन दिनों कीचड़, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुंचने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने से स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। कीचड़ में फिसलकर मरीज और तीमारदार गिरने की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं, जबकि प्रतिदिन अस्पताल आने वाले दोपहिया वाहन भी कीचड़ में फंसकर गिर जाते हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई बार चार पहिया वाहन और एंबुलेंस तक कीचड़ में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और अस्पताल से बाहर ले जाने में भी परेशानी होती है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि मिहींपुरवा नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत के रूप में जाना जाता है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल की यह बदहाल स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा कई बार जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर परिसर में जलभराव और कीचड़ की समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या का मौके पर गंभीरता से समाधान कराने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जाती है। क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार हाल ही में हाथों में झाड़ू लेकर सफाई करते हुए फोटो खिंचवाने की कवायद भी की गई, लेकिन अस्पताल परिसर की जलभराव और कीचड़ की मूल समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समस्या के समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाते तो आज अस्पताल परिसर में ऐसी स्थिति नहीं होती। आमजन का आरोप है कि वर्तमान समय में अस्पताल परिसर में इतना जलभराव है कि यहां मछली पालन अथवा धान रोपाई जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने आने वाले मरीज पहले ही बीमारी से परेशान होते हैं और अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद उन्हें कीचड़ और जलभराव की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अस्पताल परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, जलभराव समाप्त कराने तथा कीचड़ से निजात दिलाने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी अव्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और मरीजों, तीमारदारों तथा एंबुलेंस की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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