संविधान और आरक्षण के अधिकारों के लिए पिछड़ा, दलित व वंचित समाज एकजुट हो : सावित्रीबाई फुले
मिहींपुरवा,बहराइच ब्यूरो। मटिहा मोड़ स्थित पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक सावित्रीबाई फुले के आवास पर रविवार को संविधान, आरक्षण एवं आजादी बचाओ दलित जन जागरण सम्मेलन आयोजित किया गया।

संविधान और आरक्षण के अधिकारों के लिए पिछड़ा, दलित व वंचित समाज एकजुट हो : सावित्रीबाई फुले
मिहींपुरवा,बहराइच ब्यूरो।
मटिहा मोड़ स्थित पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक सावित्रीबाई फुले के आवास पर रविवार को संविधान, आरक्षण एवं आजादी बचाओ दलित जन जागरण सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों को संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए सामाजिक एकजुटता का आह्वान किया गया। मुख्य वक्ता पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले ने कहा कि संविधान ने दलित, पिछड़े और वंचित समाज को लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया है। ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य से लेकर विधानसभा तक में आरक्षण के माध्यम से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को जागरूक रहना होगा और अपने मताधिकार की ताकत को समझना होगा। उन्होंने कहा कि देश और संविधान की रक्षा के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा तथा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। बलहा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सपा प्रत्याशी अछयबर नाथ कनौजिया ने कहा कि अधिकारों की रक्षा के लिए समाज का संगठित होना जरूरी है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयनकर सिंह ने हिटलर के शासन का उदाहरण देते हुए मुर्गे की कहानी के माध्यम से लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विश्राम यादव, पूर्व प्रधान प्रेमधारी तथा बलहा विधानसभा के सपा महामंत्री डॉ. एनूद्दीन सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान हरीश चंद्र ने बिरहा के माध्यम से जनजागरण किया, जबकि रागिनी सोनकर ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।




