पौंडा गौशाला की फर्जी खबर पर भड़के ग्रामीण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
मिहींपुरवा, बहराइच। 03 अगस्त। विकासखंड मिहींपुरवा की ग्राम पंचायत पौंडा स्थित अस्थायी गौशाला को लेकर प्रकाशित एक कथित भ्रामक समाचार के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पौंडा गौशाला की फर्जी खबर पर भड़के ग्रामीण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
मिहींपुरवा, बहराइच। 03 अगस्त।
विकासखंड मिहींपुरवा की ग्राम पंचायत पौंडा स्थित अस्थायी गौशाला को लेकर प्रकाशित एक कथित भ्रामक समाचार के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि समाचार में प्रकाशित गोवंशों के मृत होने की तस्वीरें पौंडा गौशाला की नहीं हैं, बल्कि किसी अन्य स्थान की तस्वीरों का इस्तेमाल कर गौशाला की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
गांव के राधिका, विजेंद्र, निरंकार यादव, बृजेश, शिवकुमार, शशांक शेखर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पौंडा गौशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, दाना और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है। उनका कहना है कि गौशाला के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मीडिया टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने पर गौशाला में लगभग 400 क्विंटल भूसा भंडारित मिला। इसके अलावा करीब 25 बीघा क्षेत्र में हरा चारा तैयार था। वहीं 19 बोरी दाना सुरक्षित रखा गया था तथा शाम के लिए 5 से 6 बोरी दाना खोलकर रखा गया था। गौवंशों के लिए पर्याप्त पेयजल की भी समुचित व्यवस्था मिली और परिसर साफ-सुथरा पाया गया। ग्राम प्रधान द्वारा गोवंशों की सुविधा के लिए गर्मी के मौसम में तीन सेटों में पर्याप्त संख्या में बड़े पंखे भी लगवाए गए हैं, जिससे भीषण गर्मी में भी गोवंशों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान समय-समय पर स्वयं गौशाला का निरीक्षण करते हैं तथा चारा, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हैं।
पशु चिकित्सा अधिकारी मिहींपुरवा ने भी स्पष्ट किया कि प्रकाशित फोटो पौंडा गौशाला की नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले दो व्यक्ति गौशाला पहुंचे थे और वहां मौजूद एक मंदबुद्धि केयरटेकर को ₹500 देने तथा वेतन बढ़वाने का प्रलोभन देकर उससे यह कहलवा लिया कि दो गायों की मृत्यु हुई है। बाद में अन्य केयरटेकरों ने स्पष्ट किया कि किसी गोवंश की मृत्यु नहीं हुई है। उनके अनुसार केवल एक गोवंश सांड के हमले में घायल हुआ था, जिसका उपचार कराया जा रहा है और वह जीवित है।
मीडिया टीम के निरीक्षण में गौशाला में कहीं भी गंदगी नहीं मिली तथा सभी गोवंश स्वस्थ एवं सामान्य अवस्था में पाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब मौके पर पर्याप्त चारा, भूसा, दाना, स्वच्छ पेयजल तथा गर्मी से बचाव के लिए पंखों जैसी समुचित व्यवस्थाएं मौजूद हैं, तब भूख और गंदगी से गोवंशों की मौत का दावा पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक प्रतीत होता है।
गौशाला के समीप रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक शशांक शेखर ने कहा कि उनकी जानकारी में पौंडा गौशाला जैसी बेहतर व्यवस्था आसपास कहीं और देखने को नहीं मिलती। उन्होंने भी प्रकाशित आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि समाचार में प्रयुक्त तस्वीरें इस गौशाला की नहीं हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे भ्रामक समाचारों की सत्यता की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।




