डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई नारको-को-आर्डिनेशन समिति की बैठक
बहराइच ब्यूरो 24 सितंबर। बुधवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नारको-को-आर्डिनेशन समिति की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया

डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई नारको-को-आर्डिनेशन समिति की बैठक
बहराइच ब्यूरो 24 सितंबर।
बुधवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नारको-को-आर्डिनेशन समिति की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाय कि मेडिकल स्टोर्स की दुकानों से नारकोटिक्स ड्रग्स तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री ने होने पाए। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स ड्रग्स तथा प्रतिबंधित दवाओं का युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा है। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी प्रकार की अपराध निरोधक इकाईयों व सम्बन्धित विभागों तथा एस.एस.बी. के बीच बेहतर से बेहतर समन्वय होना चाहिए। नारकोटिक्स ड्रग के अवैध व्यापार, संचरण तथा बिक्री पर प्रभावी अंकुश के इन्फोर्समेन्ट एजेन्सियों के बीच की बान्डिंग अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि अपराध निरोधक इकाईयों एवं सम्बन्धित विभागों के बीच किसी प्रकार की संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ज़रूरी है कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों व कार्मिकों के मोबाइल नम्बर एक-दूसरे के पास भी रहें। नारकोटिक्स ड्रग्स तथा प्रतिबंधित दवाओं के संचरण, व्यापार व अवैध बिक्री की रोकथाम के लिए डीएम ने संचार तन्त्र को आवश्यकतानुसार विस्तृत एवं मज़बूत करने का भी सुझाव दिया। युवा पीढ़ी को नारकोटिक्स ड्रग्स तथा प्रतिबंधित दवाओं से दूर रखने के लिए डीएम ने स्कूल के माध्यम से छात्र-छात्राओं के बीच जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये। डीएम ने सुझाव दिया कि युवा पीढ़ी की रूचि के अनुसार खेल-कूद, सांस्कृतिक, प्रश्नोत्तरी तथा निबन्ध लेखन, वाद-विवाद जैसी गतिविधियों का आयोजन कर उन्हें इनके दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाय।
डीएम ने निर्देश दिया खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, पुलिस, आबकारी व अन्य विभागों को निदेश दिया कि संयुक्त रूप से जिले में अभियान संचालित कर विशेष रूप से बार्डर एरिया के मेडिकल स्टोरों की नियमित रूप से जांच करें ताकि नशे के विकल्प के रूप में प्रतिबन्धित दवाओं के सेवन को रोका जा सके। डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग के गार्डस व कर्मियों के माध्यम से जंगल के रास्तों पर निगरानी रखी जाय ताकि ड्रग्स क अवैध व्यापार पर अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से होम्योपैथिक दुकानों पर ज्यादा अल्कोहलिक तीव्रता की विक्री की जा रही टिंचर पर भी नियंत्रण रखने हेतु निरीक्षण करने एवं आवश्यकतानुसार कर्यवाही करने पर बल दिया गया। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु कुमार व एसएसबी 42वीं वाहिनी के उप कमाण्डेंट सतीश कुमार ने प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री एवं तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु विभाग द्वारा संचालित की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुन्दरेशा, अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, अधि.अभि. लो.नि.वि. प्रा.ख. प्रदीप कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।




