खेत-खेत पहुंचेंगी संयुक्त टीमें, प्रभावित किसानों की फसल क्षति का होगा स्थलीय सत्यापन मोनालिसा जौहरी
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। लगातार हुई बारिश, तेज हवाओं और अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराने के लिए तहसील प्रशासन ने राहत की कवायद तेज कर दी है। एसडीएम मिहींपुरवा (मोतीपुर) मोनालिसा जौहरी ने प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि, राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीमें गठित की हैं।

खेत-खेत पहुंचेंगी संयुक्त टीमें, प्रभावित किसानों की फसल क्षति का होगा स्थलीय सत्यापन मोनालिसा जौहरी
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। लगातार हुई बारिश, तेज हवाओं और अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराने के लिए तहसील प्रशासन ने राहत की कवायद तेज कर दी है। एसडीएम मिहींपुरवा (मोतीपुर) मोनालिसा जौहरी ने प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि, राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीमें गठित की हैं। गठित टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर खेत-खेत स्थलीय निरीक्षण करेंगी और ग्रामवार तथा गाटावार फसल क्षति का वास्तविक विवरण तैयार करेंगी। बीते दिनों आंधी, तेज हवाओं और लगातार हुई भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फसल क्षति के सही आकलन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौके पर पहुंचकर सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त टीमें गांवों में पहुंचकर प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण करेंगी तथा फसल की वास्तविक स्थिति के आधार पर क्षति का आकलन तैयार करेंगी। प्रशासन की ओर से कराई जा रही इस प्रक्रिया में स्थलीय सत्यापन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, ताकि फसल क्षति का सही आंकड़ा सामने आ सके और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके। टीमों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में गांव-गांव और खेत-खेत जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लेने, ग्रामवार एवं गाटावार विवरण तैयार करने तथा निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर कार्य करने तथा किसी भी प्रभावित क्षेत्र को सत्यापन से वंचित न रहने देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गठित टीमों से दो दिवस के भीतर फसल क्षति की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। प्रशासन की इस पहल से अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की वास्तविक क्षति का आंकलन होने के साथ ही राहत एवं क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।




