शहीद नमन यात्रा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दी श्रद्धांजलि
मिहींपुरवा, बहराइच। अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन, बहराइच के तत्वावधान में मंगलवार को विकासखंड मिहींपुरवा में शहीद नमन यात्रा का आयोजन किया गया

शहीद नमन यात्रा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दी श्रद्धांजलि
मिहींपुरवा, बहराइच। अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन, बहराइच के तत्वावधान में मंगलवार को विकासखंड मिहींपुरवा में शहीद नमन यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ब्लॉक परिसर में स्थित शिला स्तंभ पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शत-शत नमन एवं वंदन करते हुए उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद किया। इस दौरान राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया गया। इसके पश्चात ब्लॉक परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता तहसील प्रभारी श्री राम तपेश्वर सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी मिहींपुरवा श्री विजय कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम का संचालन संगठन के जिला उपाध्यक्ष श्री रामदीन गौतम ने किया। गोष्ठी में अगस्त क्रांति पखवाड़े के अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के आह्वान पर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देशवासियों ने ‘करो या मरो’ के संकल्प के साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। कांग्रेस सेवा दल अध्यक्ष श्री विजय पोरवाल, श्री राम विजय मौर्या, श्री ब्रजेश कुमार पांडे तथा सहायक खंड विकास अधिकारी श्री तेज नारायण राव सहित अन्य वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष, त्याग और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के सदस्यों ने भी सहभागिता की और अपने पूर्वजों के संघर्ष को स्मरण किया। इस अवसर पर ज्वाला प्रसाद पाल, अब्दुल सलाम, संदीप कुमार मिश्रा, इस्तियाक अहमद, राजधन मौर्या सहित बड़ी संख्या में सेनानी परिवार के लोग एवं गणमान्यजन मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण ही आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया गया। राष्ट्रगान के साथ ही गोष्ठी का समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों और देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।




