शिवभक्तों की सेवा ही सच्ची आराधना: सिरसिया में कांवड़ियों के घावों पर लगा मरहम, पेश की मानवता की अद्भुत मिसाल
श्रावस्ती। जनपद के सिरसिया बाजार में कजरी तीज के पावन अवसर पर आस्था और भक्ति का विहंगम दृश्य देखने को मिला। हर-हर महादेव के जयकारों और गाजे-बाजे की धुनों के बीच लाखों शिवभक्त कांवड़ लेकर ऐतिहासिक विभूति नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए बढ़ रहे हैं।

शिवभक्तों की सेवा ही सच्ची आराधना:
सिरसिया में कांवड़ियों के घावों पर लगा मरहम, पेश की मानवता की अद्भुत मिसाल
ब्यूरो चीफ श्रावस्ती प्रियव्रत मिश्रा
श्रावस्ती। जनपद के सिरसिया बाजार में कजरी तीज के पावन अवसर पर आस्था और भक्ति का विहंगम दृश्य देखने को मिला। हर-हर महादेव के जयकारों और गाजे-बाजे की धुनों के बीच लाखों शिवभक्त कांवड़ लेकर ऐतिहासिक विभूति नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए बढ़ रहे हैं। हालांकि, मीलों की इस कठिन पैदल यात्रा के कारण कई श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ गए और वे दर्द व थकान से बेहाल नजर आए।
भक्ति के इस मार्ग में कांवड़ियों की पीड़ा को कम करने और समाज को एकजुटता का संदेश देने के लिए सिरसिया बाजार में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शिवभक्तों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा।
यहाँ सेवादारों ने पूरी तन्मयता से उन कांवड़ियों के घावों को साफ कर मलहम-पट्टी की, जिनके पैरों में चलते-चलते छाले पड़ गए थे या छिल गए थे। इसके साथ ही दर्द, बुखार और थकान से राहत दिलाने के लिए निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।
इस पुनीत कार्य में जुटे दुर्गेश गुप्ता ने समाज को प्रेरित करते हुए कहा, “शिवभक्तों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। कांवड़िए अपनी सारी तकलीफें भूलकर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर यात्रा कर रहे हैं। हमारा बस यही प्रयास है कि उन्हें जो भी चिकित्सा सहायता चाहिए, वह तुरंत मिले। समाज के हर व्यक्ति को ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए।”
वहीं, इस आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले संदीप कसौधन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। बाबा विभूति नाथ के भक्तों को दर्द से राहत मिलने पर उनके चेहरों पर जो सुकून दिखता है, वही हमारा असली आशीर्वाद है। हम चाहते हैं कि इस शिविर के माध्यम से लोगों में यह संदेश जाए कि निस्वार्थ भाव से की गई दूसरों की मदद ही सबसे बड़ा धर्म है।”
-मातृशक्ति और युवाओं ने मिलकर उठाया जिम्मा
इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में दुर्गेश गुप्ता और संदीप कसौधन के साथ-साथ संजय गुप्ता, पप्पू गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, सुजीत गुप्ता, रिमझिम कसौधन, एकता कसौधन , जनप्रभा देवी, अनिल गुप्ता, और अभिजीत कसौधन ने भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही। उन्होंने बढ़-चढ़कर मातृशक्ति का परिचय देते हुए कांवड़ियों की अथक सेवा की, जिसकी सभी श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस पूरे आयोजन ने न केवल सैकड़ों कांवड़ियों को शारीरिक राहत दी, बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवता, प्रेम और सामाजिक सद्भाव का एक बेहद सकारात्मक संदेश भी दिया है।




