*आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर*
आज दिनाँक 21 अक्टूबर 2026 को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत इकौना स्थित होटल ट्यूलिप इन में जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

*आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर*
आज दिनाँक 21 अक्टूबर 2026 को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत इकौना स्थित होटल ट्यूलिप इन में जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी महोदया एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रावस्ती डॉ. अशोक कुमार सिंह जी के द्वारा किया गया।
जबकि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयनाथ के पर्यवेक्षण में कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आभा आईडी के महत्व से अवगत कराना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना रहा।
कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक डॉ. रीना वर्मा एवं सौम्य श्रीवास्तव द्वारा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न पहलुओं, उद्देश्यों, उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य एक ऐसा राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र स्थापित करना है, जो प्रभावी, सरल, सुलभ एवं सुरक्षित तरीके से नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करे। इस मिशन के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं के डिजिटल प्रबंधन को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
*जिलाधिकारी महोदया ने आभा आईडी बनाने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाने के लिए किया प्रेरित*
इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदया ने आभा आईडी (ABHA ID) एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसके प्रति जागरूक किया। उन्होंने सभी को अपनी आभा आईडी बनवाने तथा आमजन को भी इसके लाभों से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने तथा मिशन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
*नई तकनीक को अपनाने से स्वास्थ्य सेवाओं में आएगी सुगमता : मुख्य विकास अधिकारी*
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी किसी नई योजना या तकनीक को लागू किया जाता है, तो प्रारंभिक चरण में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आना स्वाभाविक है। हालांकि, समय के साथ जब हम नई तकनीक को अपनाते हैं और उसके अनुरूप कार्य करने लगते हैं, तो इससे कार्यप्रणाली अधिक सरल एवं प्रभावी हो जाती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक को स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाने से चिकित्सकीय कार्यों में सुगमता आएगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन एवं प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को अपनाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह जी ने बताया कि जनपद श्रावस्ती में अब तक कुल 69 प्रतिशत आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो राज्य के औसत से भी बेहतर है। उन्होंने बताया कि आभा आईडी निर्माण के मामले में जनपद प्रदेश के शीर्ष 10 जनपदों में शामिल है। उन्होंने इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि आगे भी इसी प्रकार समन्वित प्रयासों के माध्यम से आभा आईडी निर्माण की प्रगति को बढ़ाया जाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में डिजिटल तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आभा आईडी के माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तीन प्रमुख स्तंभों की दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तीन प्रमुख घटकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें पहला आभा (ABHA—Ayushman Bharat Health Account), दूसरा एचएफआर (HFR—Health Facility Registry) अर्थात स्वास्थ्य सुविधाओं की रजिस्ट्री तथा तीसरा एचपीआर (HPR—Health Professionals Registry) अर्थात स्वास्थ्य पेशेवरों की रजिस्ट्री शामिल हैं।
आभा के माध्यम से नागरिक अपनी डिजिटल स्वास्थ्य पहचान प्राप्त कर सकते हैं। एचएफआर के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों एवं सुविधाओं का डिजिटल पंजीकरण किया जाता है, जबकि एचपीआर स्वास्थ्य पेशेवरों की डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करने से संबंधित है। इन घटकों के माध्यम से देश में एक समन्वित डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहचान एवं डिजिटल संपर्क को बेहतर बनाया जा सके।
*बैंकिंग क्षेत्र की तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है पीएचआर ऐप*
कार्यशाला में बताया गया कि जिस प्रकार बैंकिंग क्षेत्र में यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यम नागरिकों को सुविधाजनक एवं त्वरित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, उसी प्रकार स्वास्थ्य क्षेत्र में पीएचआर (PHR/EHR—Personal/Electronic Health Records) ऐप, जैसे आभा ऐप, नागरिकों को अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने, देखने एवं आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सहायता से नागरिक अपने स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों एवं रिपोर्टों को व्यवस्थित रूप में रख सकते हैं। इससे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड को उपयोग में लाने में सुविधा हो सकती है। यह व्यवस्था नागरिकों को अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड के प्रबंधन में अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग को भी बढ़ावा देती है।
जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. डी.के. सिंह ने आभा आईडी की आवश्यकता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आभा एक 14 अंक की यूनिक आईडी होती है और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में आभा आईडी नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी माध्यम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने और आवश्यकता के समय उपयोग करने में सुविधा मिलती है।
उन्होंने बताया कि आभा से जुड़ी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, प्रयोगशाला जांच एवं अस्पताल की रिपोर्टों जैसे स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में संकलित एवं उपयोग किया जा सकता है। इससे मरीजों को अपनी पुरानी रिपोर्टों और अन्य स्वास्थ्य दस्तावेजों को बार-बार साथ लेकर चलने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है। पहले से उपलब्ध जांच रिपोर्टों तक आवश्यकता के अनुसार पहुंच होने से चिकित्सक को उपचार के दौरान उपयोगी जानकारी मिल सकती है तथा अनावश्यक रूप से जांच दोहराने की आवश्यकता कम करने में सहायता मिल सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुरक्षा एवं गोपनीयता महत्वपूर्ण पहलू हैं। आभा आधारित डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था नागरिकों को अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड के प्रबंधन में सुविधा प्रदान करती है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से देशभर में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उपयोग एवं उपचार के समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से आभा आईडी बनवाने तथा इसके लाभों के बारे में आमजन को जागरूक करने की अपील की।
कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के उद्देश्यों, आभा आईडी निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं स्वास्थ्य पेशेवरों की डिजिटल रजिस्ट्री तथा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की उपयोगिता के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही, जनपद में आभा आईडी निर्माण की प्रगति को और बेहतर बनाने तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर बल दिया गया।
इस जनपद स्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ, सरल, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाना तथा आमजन को आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना रहा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्रमशः डॉ केके वर्मा, डॉक्टर ठाकुर दास, सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल ऑफिसर और निजी चिकित्सा इकाई से मेडिकल ऑफिसर और हॉस्पिटल संचालक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से आयुष्मान टीम जिसमें डॉ पंकज यादव मानवेंद्र तिवारी व गोविंद शुक्ला उपस्थित रहे।
*सादर* 🙏
*ARO CMO कार्यालय श्रावस्ती*




