बाढ़ प्रभावितों के बीच संवेदनशीलता की मिसाल बनीं एसडीएम मोनालिसा जौहरी
मिहींपुरवा, बहराइच। बाढ़ की विकट परिस्थितियों के बीच मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिल रही है

बाढ़ प्रभावितों के बीच संवेदनशीलता की मिसाल बनीं एसडीएम मोनालिसा जौहरी
मिहींपुरवा, बहराइच।
बाढ़ की विकट परिस्थितियों के बीच मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिल रही है। उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी तक सीमित न रहकर स्वयं बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हाल जान रही हैं। दिन हो या रात, एसडीएम अपनी टीम के साथ लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और मौके पर ही आवश्यक राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दे रही हैं। बाढ़ के चलते जब कई मार्ग जलमग्न हो गए तो प्रभावित गांवों तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लिया गया। एसडीएम मोनालिसा जौहरी स्वयं ट्रैक्टर से गांव-गांव पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा ले रही हैं। वह प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों की जानकारी ले रही हैं तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि कोई भी जरूरतमंद परिवार भोजन और आवश्यक राहत सामग्री से वंचित न रहे। राहत कार्यों के दौरान एसडीएम केवल अधिकारियों को निर्देश देकर वापस नहीं लौटतीं, बल्कि स्वयं मौके पर मौजूद रहकर प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराती हैं। वह ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों और राहत टीमों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दे रही हैं। उनकी सक्रिय मौजूदगी से राहत कार्यों में तेजी के साथ ही प्रभावित परिवारों में भरोसा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों के बीच एसडीएम की इस कार्यशैली की खूब चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी कठिन परिस्थिति में अधिकारी का स्वयं उनके बीच पहुंचना और उनकी समस्याओं को करीब से समझना उनका हौसला बढ़ा रहा है। प्रशासनिक अमले के साथ लगातार फील्ड में मौजूद रहकर एसडीएम राहत एवं बचाव कार्यों की प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी की असली पहचान उसके कार्यालय की कुर्सी से नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जनता के बीच उसकी मौजूदगी से होती है। बाढ़ के बीच एसडीएम मोनालिसा जौहरी की सक्रियता और संवेदनशीलता इसी भावना को प्रदर्शित कर रही है। मिहींपुरवा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवार उनकी मानवीय पहल और लगातार मौके पर मौजूद रहकर किए जा रहे राहत प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।




