वार्ड 15 की इंटरलॉकिंग सड़क के घटिया निर्माण की जांच की मांग, डीएम को सौंपा शिकायती पत्र
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 05 अक्टूबर। नगर पंचायत मिहींपुरवा के वार्ड नंबर 15 में मेन रोड पर करीब दो माह पूर्व कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नामित सभासद एवं भाजपा नगर पंचायत मीडिया प्रभारी अशोक कुमार (गुड्डू लोधी) ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है

वार्ड 15 की इंटरलॉकिंग सड़क के घटिया निर्माण की जांच की मांग, डीएम को सौंपा शिकायती पत्र
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 05 अक्टूबर। नगर पंचायत मिहींपुरवा के वार्ड नंबर 15 में मेन रोड पर करीब दो माह पूर्व कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नामित सभासद एवं भाजपा नगर पंचायत मीडिया प्रभारी अशोक कुमार (गुड्डू लोधी) ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर उपजिलाधिकारी से शिकायत की गई थी, जिसके बाद जेई द्वारा मौके पर जांच भी की गई, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि वर्तमान में सड़क कई स्थानों से खराब एवं क्षतिग्रस्त होने लगी है, जबकि निर्माण कार्य की अनुमानित लागत करीब 19 लाख 87 हजार रुपये बताई गई है। शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद सड़क के शीघ्र क्षतिग्रस्त होने को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल बताया है। उन्होंने इस मामले में आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत किए जाने और उस पर प्रस्तुत आख्या की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। इसके अलावा नगर पंचायत में तैनात कर्मचारी जितेंद्र पर जनता से फीडबैक के लिए जबरन ओटीपी मांगे जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जनता को अपनी इच्छा एवं वास्तविक स्थिति के आधार पर स्वतंत्र रूप से फीडबैक देने का अधिकार है और किसी पर ओटीपी अथवा फीडबैक देने के लिए दबाव बनाया जाना उचित नहीं है। अशोक कुमार ने जिलाधिकारी से सड़क निर्माण की तकनीकी जांच सक्षम अधिकारी अथवा तकनीकी टीम से कराने, गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने, आईजीआरएस आख्या की जांच कराने, ओटीपी के लिए दबाव बनाए जाने के मामले की जांच करने तथा सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर मानक के अनुरूप सुधार अथवा पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।




