एडीएम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ मिहींपुरवा तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 05 सितंबर जनसमस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापरक समाधान के लिए शासन के निर्देश पर आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस शनिवार को तहसील मिहींपुरवा में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ

एडीएम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ मिहींपुरवा तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो
05 सितंबर
जनसमस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापरक समाधान के लिए शासन के निर्देश पर आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस शनिवार को तहसील मिहींपुरवा में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे फरियादियों ने राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 28 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पक्ष, त्वरित एवं गुणवत्तापरक निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। प्रत्येक शिकायत का मौके पर सत्यापन कराते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की प्रगति पर प्रभावी निगरानी रखने को भी कहा। समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी के अलावा अपर पुलिस अधीक्षक बहराइच, मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा तथा थाना मोतीपुर के थानाध्यक्ष ब्रह्मा गोंड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के नहीं पहुंचने पर उठे सवाल
संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी के आने की भी जानकारी थी, लेकिन उनके कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर क्षेत्र में चर्चा रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिहींपुरवा तहसील जिला मुख्यालय से काफी दूर होने के कारण यहां के ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जिलाधिकारी के तहसील स्तर के समाधान दिवस में पहुंचने से क्षेत्रवासियों को अपनी समस्याएं सीधे उनके समक्ष रखने का अवसर मिलता। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी अपने वर्तमान कार्यकाल में अब तक मिहींपुरवा तहसील में केवल एक बार आए हैं और वह भी करीब एक घंटे के लिए। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी के आने की उम्मीद लगाए बैठे फरियादियों को उनके न आने से निराशा हुई। लोगों ने भविष्य में जिलाधिकारी द्वारा मिहींपुरवा क्षेत्र का नियमित भ्रमण किए जाने और तहसील स्तरीय जनसुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर जनसमस्याएं सुनने की अपेक्षा जताई।




