सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर में सनातन संस्कृति ज्ञान प्रश्नोत्तरी
विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन, दिखाए देवी देवताओं के बाल रूप

सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर में सनातन संस्कृति ज्ञान प्रश्नोत्तरी
धनीराम यादव ब्यूरो/संचालक उजाला हिंद ऑनलाइन न्यूज़ चैनल
विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन, दिखाए देवी देवताओं के बाल रूप
नानपारा, बहराइच। नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, धार्मिक ग्रंथों, भारतीय परंपराओं एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से नानपारा स्थित सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर में षष्ठी को सनातन संस्कृति प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपने ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा सप्तमी को देवी देवताओं के बालरूप में आये बालक बालिकाओं ने सबका मन मोह लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, धार्मिक मान्यताओं और गौरवशाली परंपराओं के प्रति जागरूक करना तथा उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना विकसित करना रहा। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उन्हें अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सनातन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की आयु एवं शैक्षणिक स्तर के अनुसार दो वर्गों में विभाजित किया गया। कक्षा एक से छह तक के विद्यार्थियों के लिए जूनियर वर्ग तथा कक्षा सात से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए सीनियर वर्ग निर्धारित किया गया। दोनों वर्गों में प्रतिभागियों से सनातन संस्कृति, धार्मिक ग्रंथों, देवी-देवताओं, भारतीय परंपराओं एवं आध्यात्मिक विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट एवं अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में धार्मिक चर्चा, भक्ति गीतों का गायन एवं प्रश्नोत्तरी के साथ साथ बालक बालिकाओं द्वारा देवी देवताओं के बाल रूप की झांकियां दिखाई गईं। इन गतिविधियों ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया। बच्चों की सक्रिय भागीदारी और उनके उत्साह ने आयोजन को विशेष बना दिया।
प्रतियोगिता में अमित पाण्डेय, डॉ० ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव, हर्ष कसौंधन, बेबी मलिक, अमित बड़ौला और अभिषेक पाण्डेय ने विशेष जिम्मेदारी निभाई।
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्रकांत श्रीवास्तव, सचिव डॉ० वीरांगना कांत, आनंद, मयंक, मनोज और पवन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं तथा भारत की गौरवशाली विरासत से जोड़ना है। प्रश्नोत्तरी एवं भगवान के बालरूप जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी रोचक तरीके से ज्ञान अर्जित करते हैं और अपनी सांस्कृतिक पहचान को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही भारतीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।




