अंबेडकर पार्क की दीवार निर्माण सवाल, ग्रामीणों ने गिराई अधूरी दीवार यमें गुणवत्ता पर उठे
विकासखंड मिहींपुरवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत उर्रा स्थित अंबेडकर पार्क की क्षतिग्रस्त बाहरी दीवार के पुनर्निर्माण में गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

अंबेडकर पार्क की दीवार निर्माण सवाल, ग्रामीणों ने गिराई अधूरी दीवार यमें गुणवत्ता पर उठे
मिहींपुरवा, बहराइच 09अगस्त।
विकासखंड मिहींपुरवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत उर्रा स्थित अंबेडकर पार्क की क्षतिग्रस्त बाहरी दीवार के पुनर्निर्माण में गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध जताया और करीब दो फीट तक बनाई गई दीवार को गिरा दिया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार पार्क की सड़क की ओर स्थित बाहरी दीवार करीब 15 दिन पहले गिर गई थी। इसके बाद ग्रामीण लगातार नई दीवार बनवाने की मांग कर रहे थे। आगामी 15 अगस्त को अंबेडकर पार्क में ध्वजारोहण एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित होने के कारण ग्रामीण चाहते थे कि स्वतंत्रता दिवस से पहले मजबूत और मानक के अनुरूप दीवार तैयार कर दी जाए। आरोप है कि निर्माण कार्य में पीले एवं घटिया गुणवत्ता के ईंटों का प्रयोग किया जा रहा था और चुनाई के दौरान सीमेंट की मात्रा भी पर्याप्त नहीं थी। निर्माण की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने मौके पर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दीवार इतनी कमजोर थी कि करीब दो फीट तक बन चुकी दीवार को उन्होंने गिरा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने सार्वजनिक स्थल के निर्माण और रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि नई दीवार के निर्माण में अच्छी गुणवत्ता की ईंटों, पर्याप्त सीमेंट तथा अन्य मानक सामग्री का उपयोग किया जाए, जिससे निर्माण लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बना रहे। मामले में ग्राम विकास अधिकारी अर्जुन सोनकर ने बताया कि ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अपनी संतुष्टि के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करवा लें और विभाग की ओर से निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उधर, ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों के अनुसार रविवार दोपहर बलहा विधायक श्रीमती सरोज सोनकर पार्क पहुंचीं, जहां प्रतिमा के आसपास गंदगी होने तथा बाबा साहब की प्रतिमा पर पक्षियों की बीट लगी होने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि समुचित साफ-सफाई के बिना ही प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। ग्रामीणों ने पार्क की नियमित साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त दीवार निर्माण की जांच तथा मानक के अनुरूप दोबारा निर्माण कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।




