उत्तर प्रदेश

बहराइच 21 अगस्त , भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद बहराइच की जनपद स्तरीय कार्यकारिणी चुनाव में हुए धांधली व अनियमिताओं को लेकर आज आजीवन सदस्यों ने मंडलायुक्त (देवी पाटन मण्डल) से मिलकर चुनाव को अवैध घोषित किए जाने की मांग की है।

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जनपद बहराइच की जनपद स्तरीय कार्यकारिणी के हाल में संपन्न चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आजीवन सदस्यों को सूचना न दिए जाने का आरोप लगाते हुए संगठन से जुड़े कई आजीवन सदस्यों ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में मंडलायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा।

बहराइच 21 अगस्त , भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद बहराइच की जनपद स्तरीय कार्यकारिणी चुनाव में हुए धांधली व अनियमिताओं को लेकर आज आजीवन सदस्यों ने मंडलायुक्त (देवी पाटन मण्डल) से मिलकर चुनाव को अवैध घोषित किए जाने की मांग की है।

 

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जनपद बहराइच की जनपद स्तरीय कार्यकारिणी के हाल में संपन्न चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आजीवन सदस्यों को सूचना न दिए जाने का आरोप लगाते हुए संगठन से जुड़े कई आजीवन सदस्यों ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में मंडलायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा।

 

आजीवन सदस्यों ने पूरे चुनाव को अवैध घोषित कर दोबारा नियमानुसार चुनाव कराने की मांग की है। आजीवन सदस्यों का आरोप है कि दशकों से रेड क्रॉस सोसाइटी से जुड़े सदस्यों को चुनाव की सूचना तक नहीं दी गई, जिसके कारण वे लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह गए।

 

आजीवन सदस्यों का कहना है कि चुनाव स्थल पर मौजूद लोगों द्वारा बार-बार सदस्यता सूची उपलब्ध कराने की मांग किए जाने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सूची सार्वजनिक नहीं की गई। उनका दावा है कि इससे पूरी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। ज्ञापन में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के संविधान का हवाला देते हुए यह भी सवाल उठाया गया है कि चुनाव जिलाधिकारी की उपस्थिति में होना चाहिए अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी की मौजूदगी में। आजीवन सदस्यों ने इस संबंध में नियमों की स्पष्ट व्याख्या और चुनाव प्रक्रिया की वैधानिकता की जांच कराने की मांग की है।

निर्वाचित सदस्यों के नाम को लेकर भी उठाए सवाल

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब आजीवन सदस्यों ने कथित निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्यों के नाम और उनकी चुनावी प्रक्रिया में सहभागिता पर सवाल खड़े किए। आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम भी निर्वाचित सदस्यों की सूची में शामिल हैं, जिनके बारे में शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वे पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।

आजीवन सदस्यों ने विशेष रूप से भगवानदीन मिश्रा के नाम का उल्लेख करते हुए उनके चुनावी स्थल पर मौजूद होने को लेकर सवाल उठाए हैं। सदस्यों ने प्रशासन से नामांकन पत्र, उपस्थिति रजिस्टर, सदस्यता सूची और चुनाव से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

 

ज्ञापन देने वाले सदस्यों का आरोप है कि जब उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया तो उनकी आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी थी तो आजीवन सदस्यों की सूची, नामांकन पत्र, उपस्थिति और चुनाव परिणाम से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

आजीवन सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक विवादित चुनाव के आधार पर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

 

ज्ञापन देने वालों में ओम प्रकाश सक्सेना, अयोध्या प्रसाद अवस्थी, उमेश चंद्र, कृष्ण चंद्र अग्रवाल, संजीव कुमार, पीके श्रीवास्तव, राकेश चंद्र श्रीवास्तव , भगवान दीन मिश्र, विनय मित्तल , ई० सिद्धांत गुप्ता , जीतबहादुर थारू , दिलीप कुमार अर्जुन , सहित अन्य आजीवन सदस्य शामिल रहे।

 

आजीवन सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर चुनाव निरस्त करने अथवा निष्पक्ष जांच शुरू करने की प्रक्रिया नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने रेड क्रॉस सोसाइटी के स्टेट प्रेसिडेंट तथा राज्यपाल से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कर नियमानुसार नए सिरे से चुनाव कराने की बात कही है।

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