*छह वर्ष पुराने मुकदमे में मनोज पाठक समेत पांच लोग दोषमुक्त, न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ,
श्रावस्ती। भिनगा कोतवाली में करीब छह वर्ष पूर्व दर्ज एक मुकदमे में लोक जनशक्ति पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार पाठक, उनकी पत्नी सहित पांच आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है

*छह वर्ष पुराने मुकदमे में मनोज पाठक समेत पांच लोग दोषमुक्त, न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ,*
सह -संपादक -मंजीत कुमार मिश्र
श्रावस्ती। भिनगा कोतवाली में करीब छह वर्ष पूर्व दर्ज एक मुकदमे में लोक जनशक्ति पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार पाठक, उनकी पत्नी सहित पांच आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर न्यायालय ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
मामला मुकदमा संख्या 124/2020 से जुड़ा है। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक द्वारा मनोज पाठक की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में कथित रूप से बदलाव कर उनके तथा उनके परिवार सहित अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों को जेल भी भेजा गया था।
बताया गया कि मामले में धारा 195, 182 तथा 3/4/5 के तहत कार्रवाई की गई थी। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई पूरी हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आरोपों के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों पर न्यायालय ने विचार किया। बचाव पक्ष के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से साबित करने वाला पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आया।
न्यायालय ने मनोज कुमार पाठक समेत पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद आरोपियों एवं उनके समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताते हुए खुशी जताई।
मनोज पाठक ने कहा कि मामले के चलते उन्हें और उनके परिवार को लंबे समय तक मानसिक एवं सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। न्यायालय के फैसले से उन्हें राहत मिली है।




