परिवार परामर्श केंद्र की पहल से बचा परिवार, दंपती में हुआ समझौता
बहराइच ब्यूरो 30 अगस्त। पारिवारिक विवादों को आपसी समझ-बूझ और संवाद के माध्यम से समाप्त कर सामाजिक

परिवार परामर्श केंद्र की पहल से बचा परिवार, दंपती में हुआ समझौता
बहराइच ब्यूरो 30 अगस्त।
पारिवारिक विवादों को आपसी समझ-बूझ और संवाद के माध्यम से समाप्त कर सामाजिक
रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से बहराइच पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को पुलिस लाइन बहराइच स्थित प्रेक्षागृह में परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने आपसी पारिवारिक विवाद से जूझ रहे एक परिवार के बीच सुलह कराकर परिवार को टूटने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार 30 अगस्त को एक आवेदिका ने अपने पारिवारिक विवाद के संबंध में पुलिस अधीक्षक बहराइच श्री विश्वजीत श्रीवास्तव के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सुलह कराने का अनुरोध किया था। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार परामर्श केंद्र के प्रभारी को प्रकरण के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश के क्रम में परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर्स श्री फहीम किदवई, श्री धनंजय श्रीवास्तव एवं श्रीमती अनुराधा श्रीवास्तव तथा पुलिस टीम की महिला कर्मियों म0मु0आ0 संगीता यादव, म0आ0 छाया, म0आ0 निशी त्रिवेदी और म0आ0 सविता मिश्रा ने मामले की सुनवाई की। टीम ने शिकायतकर्ता की समस्याओं और शिकायतों को विस्तारपूर्वक सुना तथा पूरे प्रकरण को समझने के बाद दूसरे पक्ष से संपर्क कर उन्हें भी पुलिस लाइन स्थित प्रेक्षागृह में बुलाया। परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए समझाया-बुझाया। काउंसलर्स ने दंपती को पारिवारिक जीवन में आपसी विश्वास, सहयोग, सम्मान और सामंजस्य बनाए रखने के साथ-साथ अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी। समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई। सुलह के उपरांत दोनों पक्षों ने भविष्य में आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों का पालन करते हुए खुशी-खुशी साथ रहने की बात कही। परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल से दंपती के बीच उत्पन्न विवाद समाप्त हुआ और परिवार को बिखरने से बचाया जा सका। पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में परिवार परामर्श केंद्र द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयासों का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि आपसी विवादों को बातचीत और परामर्श के माध्यम से दूर कर परिवारों को टूटने से बचाना तथा समाज में पारिवारिक सौहार्द एवं आपसी विश्वास को मजबूत करना है।




