आज से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, हाई रिस्क क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश
बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। जनपद में संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य

आज से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, हाई रिस्क क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश
बहराइच ब्यूरो 30 सितंबर। जनपद में संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में द्वितीय जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने की, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार समेत स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, नगर निकाय तथा बाल विकास पुष्टाहार विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ धरातल पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी अंकुश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 के विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का तृतीय चरण एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचालित होगा, जबकि 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक तीन सप्ताह का सघन दस्तक अभियान चलाया जाएगा। दस्तक अभियान के तहत एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर बुखार समेत विभिन्न संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की पहचान करेंगी और उन्हें आवश्यक जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। अभियान के दौरान मच्छर जनित बीमारियों, बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, क्षय रोग, कुष्ठ, फाइलेरिया, कालाजार के लक्षण वाले मरीजों के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को भी चिन्हित किया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा चिन्हित लोगों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरा विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस डिजिटल डाटा को यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और फॉलोअप की निगरानी समयबद्ध तरीके से की जा सकेगी। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की आभा आईडी बनाए जाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। जिलाधिकारी ने पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया कि पूर्व के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला मलेरिया अधिकारी के नेतृत्व में घरों तथा कूलर, पानी की टंकी, गमले और अन्य जल पात्रों की जांच कर मच्छरों के लार्वा की स्थिति का आंकलन किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में मच्छरों का प्रजनन अधिक पाया जाएगा, वहां प्राथमिकता के आधार पर एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। अधिकारियों को जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई, नालियों की सफाई तथा लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अभियान की निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि संचारी रोगों की रोकथाम के साथ-साथ संभावित मरीजों को समय से उपचार मिल सके।




