अतिवृष्टि को लेकर चारों जनपदों में अलर्ट, राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता
बहराइच ब्यूरो 27 सितंबर। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में देवीपाटन मण्डल के गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर एवं श्रावस्ती जनपदों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतते हुए राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

अतिवृष्टि को लेकर चारों जनपदों में अलर्ट, राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता
बहराइच ब्यूरो 27 सितंबर। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में देवीपाटन मण्डल के गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर एवं श्रावस्ती जनपदों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतते हुए राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मण्डलायुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों में जनहानि की रोकथाम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों के किनारे बसे गांवों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और अधिकारी-कर्मचारी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर रखें। अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुई क्षति का तत्काल स्थलीय सर्वे एवं आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर फसल क्षति का वास्तविक आकलन करें, ताकि शासन के प्रावधानों के अनुसार पात्र किसानों को समय से राहत उपलब्ध कराई जा सके। उपजिलाधिकारियों के माध्यम से प्रभावित फसलों के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है तथा संबंधित अधिकारियों को स्थलीय सत्यापन करते हुए फसल क्षति का निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मण्डलायुक्त ने दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुरक्षित रखने तथा रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोण्डा, बलरामपुर एवं श्रावस्ती सहित प्रभावित जनपदों में विद्युत व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। उन्होंने जनहानि एवं अन्य क्षति से संबंधित मामलों में स्थलीय सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर करने तथा पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जलभराव अथवा अतिवृष्टि के कारण आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था, जर्जर भवनों एवं अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित करने तथा आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है। मण्डलायुक्त ने बाढ़ चौकियों एवं कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पंचायती राज, विद्युत एवं आपदा प्रबंधन समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, आवश्यक दवाएं एवं अन्य राहत सामग्री समय से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि अतिवृष्टि के दौरान नदी-नालों, तेज बहाव वाले पानी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा आमजन की सुरक्षा, जनहानि की रोकथाम, फसल क्षति का समयबद्ध आकलन और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में विशेष निगरानी रखते हुए राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।




