विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे लेखपाल संघ ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 03 अक्टूबर। तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के लेखपाल संघ ने अपनी वर्षों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है।

विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे लेखपाल संघ ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो
03 अक्टूबर। तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के लेखपाल संघ ने अपनी वर्षों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में लेखपालों ने कहा है कि लगातार बढ़ते कार्यभार, ऑनलाइन कार्यों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था सहित अन्य शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने के बावजूद उनकी पुरानी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन में लेखपाल संवर्ग के प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड पे किए जाने एवं वेतन विसंगति दूर करने, विगत आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी कर डीपीसी की प्रक्रिया पूरी करने, चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कर स्थायीकरण करने की मांग की गई है। इसके अलावा 16 वर्ष से भत्तों में वृद्धि नहीं होने का हवाला देते हुए स्टेशनरी भत्ता बढ़ाने, मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने तथा विशेष भत्ते में वृद्धि की मांग रखी गई है। परिषदादेश के विपरीत पटल सहायक एवं प्रभारी राजस्व निरीक्षक से सम्बद्ध लेखपालों को तत्काल अवमुक्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, पेयजल, शौचालय सहित आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा व्यवस्था एवं भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि लेखपालों को पिछले कई वर्षों से तकनीकी एवं ऑनलाइन कार्य करने पड़ रहे हैं, इसलिए लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करते हुए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। संघ ने कहा कि मांगों के संबंध में राजस्व परिषद एवं शासन स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण संवर्ग में असंतोष है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से संबंधित पटल को सकारात्मक कार्रवाई तथा आवश्यक शासनादेश जारी करने के निर्देश देने की मांग की गई है। संघ ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्यों में रुकावट अथवा आमजन को होने वाली असुविधा के लिए राजस्व परिषद एवं शासन की जिम्मेदारी होगी।




