सार्वजनिक चकमार्ग पर दबंगों का अवैध कब्जा, रास्ता बंद होने से ग्रामीणों का निकलना हुआ दूभर
मड़हा और मिट्टी डालकर रास्ते को किया ब्लॉक; विरोध करने पर पीड़ित महिला और बच्चों को जान से मारने की धमकी

सार्वजनिक चकमार्ग पर दबंगों का अवैध कब्जा, रास्ता बंद होने से ग्रामीणों का निकलना हुआ दूभर
मड़हा और मिट्टी डालकर रास्ते को किया ब्लॉक; विरोध करने पर पीड़ित महिला और बच्चों को जान से मारने की धमकी
जिला संवाददाता -मंजीत कुमार मिश्र
*मल्हीपुर /श्रावस्ती*-जनपद श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा लक्ष्मणपुर कोठी (भगवानपुर) में दबंगों द्वारा एक सार्वजनिक चकमार्ग (रास्ते) पर अवैध कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। दबंगों ने खड़ंजा लगे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से मड़हा (छप्पर), हावली और मिट्टी डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। पीड़ित महिला ने इस संबंध में जिला अधिकारी (DM) को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
विरोध करने पर लाठी-डंडा लेकर दौड़ाते हैं दबंग
पीड़िता नूरजहाँ (पत्नी नफीस अहमद), जो कि ग्राम लक्ष्मणपुर कोठी की मूल निवासी हैं, ने बताया कि उनके घर के दक्षिण तरफ एक सार्वजनिक रास्ता है जिस पर खड़ंजा लगा हुआ है। इस रास्ते से उनका और पूरे गांव के लोगों का रोजाना आना-जाना रहता है।
आरोप है कि गांव के ही कुछ विपक्षी दबंग—समरजीत, पारस, बंडोल (तीनों पुत्रगण रामलखन), गुड्डू (पुत्र तीरथराम) और नामालूम (पुत्र रामलखन)—ने मिलकर रास्ते पर अवैध रूप से मड़हा रख दिया है और मिट्टी डालकर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। पीड़िता का कहना है कि जब भी वह या उनके बच्चे वहां से गुजरते हैं, तो ये लोग गाली-गलौज करते हैं और लाठी-डंडा लेकर मारने दौड़ते हैं। दबंगों द्वारा उन्हें जान-माल की धमकी भी दी जा रही है।
मशविरा और समझौता भी नाकाम, प्रशासन से मदद की आस
ग्रामीणों के मुताबिक, ये विपक्षी तत्व बेहद सरकश और लालची किस्म के हैं। गांव के सम्मानित और संभ्रांत व्यक्तियों ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया और रास्ता खोलने को कहा, लेकिन दबंगों ने किसी की एक न सुनी और वे सीमा उल्लंघन पर आमादा हैं। रास्ता बंद होने के कारण गरीब पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होने को मजबूर है।
“अवैध अतिक्रमण हटाकर चकमार्ग बहाल किया जाए”
पीड़िता नूरजहाँ ने जिला अधिकारी महोदया को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लिया जाए। सार्वजनिक चकमार्ग से तत्काल अवैध अतिक्रमण हटवाया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।




