नवनिर्मित अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का हुआ भव्य उद्घाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
प्रधान बोले—परिश्रम और लगन से पढ़ने वाले विद्यार्थी ही बनते हैं समाज व देश का गौ

नवनिर्मित अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का हुआ भव्य उद्घाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
प्रधान बोले—परिश्रम और लगन से पढ़ने वाले विद्यार्थी ही बनते हैं समाज व देश का गौ
मिहींपुरवा, बहराइच।
विकासखंड मिहींपुरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरा पिपरा स्थित संविलियन विद्यालय सेमरहना में नवनिर्मित अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का उद्घाटन समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान शिवेंद्र प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत ग्राम प्रधान शिवेंद्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर नवनिर्मित अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। कक्षा-कक्ष के निर्माण से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होने के साथ ही विद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में सुविधा मिलेगी। उद्घाटन अवसर पर ग्राम प्रधान ने कहा कि किसी भी विद्यालय की पहचान वहां उपलब्ध संसाधनों के साथ-साथ विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों से होती है। विद्यालय में बेहतर शैक्षिक वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और लगन से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं ही आगे चलकर समाज और देश का गौरव बनते हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय गौरा पिपरा में अध्ययन कर चुका एक छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) तक पहुंच चुका है, जो विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करें। ग्राम प्रधान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ड्रेस, बैग, जूते-मोजे समेत विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना और सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच सुविधाओं के अंतर को कम करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ के तहत उपलब्ध कराए गए विभिन्न शिक्षण उपकरण बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके जीवन कौशल एवं व्यावहारिक समझ को भी विकसित करने में सहायक हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्हें उपस्थित अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने खूब सराहा। विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को गुरु पूर्णिमा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना रखने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक प्रसाद ने भी विद्यालय के विकास एवं विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। प्रभारी प्रधानाध्यापक रमेश कुमार ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों एवं अतिरिक्त कक्षा-कक्ष की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। कार्यक्रम में सहायक अध्यापक विनीत कुमार सिंह, कमलेश कुमार, अतुल कुमार, अक्षय, वजीर अहमद, चंदा सरोज सहित विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, अभिभावक, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। नए कक्षा-कक्ष के उद्घाटन को लेकर विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि अतिरिक्त कक्षा-कक्ष के माध्यम से विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में और सुधार होगा।




