उत्तर प्रदेश

*बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन का काम रफ्तार में*, 

*240 किमी परियोजना पर अब तक 1525 करोड़ खर्च*

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*बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन का काम रफ्तार में*,

 

*240 किमी परियोजना पर अब तक 1525 करोड़ खर्च*

 

 

*रेलवे बोर्ड ने पूर्व सांसद दद्दन मिश्र को भेजी जानकारी*

 

, *2026-27 में 686 करोड़ का प्रावधान;*

 

*खलीलाबाद-बांसी खंड में मिट्टी भराई, पुल और स्टेशन निर्माण शुरू*

 

संवाददाता -मंजीत मिश्र

 

 

बलरामपुर/श्रावस्ती। बहराइच से खलीलाबाद तक प्रस्तावित नई रेललाइन परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने पूर्व सांसद दद्दन मिश्र के पत्र के जवाब में बताया है कि बहराइच-खलीलाबाद वाया भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला और डुमरियागंज 240 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन परियोजना को 4940 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी गई है। परियोजना पर मार्च 2026 तक 1525 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस परियोजना के लिए 686 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। रेलवे बोर्ड के पत्र से साफ है कि परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य तक की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर/वर्क्स-III जेएस सेहरावत ने 23 सितंबर 2026 को जारी पत्र में पूर्व सांसद दद्दन मिश्र के सात अगस्त 2026 के पत्र का जवाब दिया है। पत्र में परियोजना की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई है। रेलवे ने बताया है कि इस नई रेललाइन को ‘स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट’ के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसके तहत भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार के माध्यम से कराया जा रहा है।

तीन हिस्सों में आगे बढ़ रहा निर्माण

रेलवे बोर्ड ने 240 किलोमीटर लंबी परियोजना को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटकर उसकी प्रगति बताई है। खलीलाबाद-बांसी के बीच 54 किलोमीटर रेललाइन के हिस्से में मिट्टी भराई, छोटे और बड़े पुलों तथा स्टेशन निर्माण के काम शुरू कर दिए गए हैं। इसका मतलब यह है कि परियोजना के इस हिस्से में अब केवल कागजी प्रक्रिया तक काम सीमित नहीं है, बल्कि मौके पर निर्माण गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।

वहीं बांसी-इकौना के बीच 120 किलोमीटर लंबे हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस खंड में रेलवे लाइन बिछाने से पहले जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसी तरह इकौना-बहराइच के बीच 66 किलोमीटर के हिस्से में भी भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है और रेलवे बोर्ड ने इसे ‘एडवांस स्टेज’ यानी उन्नत चरण में बताया है। इस तरह 240 किलोमीटर की पूरी परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में काम की स्थिति अलग-अलग है। एक हिस्से में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि शेष दोनों हिस्सों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

4940 करोड़ की है पूरी परियोजना

रेलवे बोर्ड के अनुसार बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन परियोजना की कुल लंबाई 240 किलोमीटर है और इसकी स्वीकृत लागत 4940 करोड़ रुपये है। परियोजना के लिए अब तक 1525 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। रेलवे ने यह राशि मार्च 2026 तक खर्च होने की जानकारी दी है। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 686 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस परियोजना के पूरा होने से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला और डुमरियागंज क्षेत्र नई रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे। विशेष रूप से श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के लिए यह परियोजना परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रस्तावित रेललाइन से इन क्षेत्रों के लोगों को खलीलाबाद और बहराइच की ओर सीधे रेल संपर्क का रास्ता मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण के बाद बढ़ेगी निर्माण की रफ्तार

रेलवे बोर्ड के पत्र में भूमि अधिग्रहण को परियोजना की प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। बांसी-इकौना खंड में भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है, जबकि इकौना-बहराइच खंड में यह प्रक्रिया उन्नत चरण में पहुंच गई है। ऐसे में इन दोनों हिस्सों में जमीन उपलब्ध होने के साथ आगे निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता तैयार होगा।

पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने सात अगस्त को रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन की प्रगति के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में रेलवे बोर्ड ने परियोजना की स्वीकृत लागत, अब तक हुए खर्च, चालू वित्तीय वर्ष के बजट और खंडवार प्रगति की जानकारी दी है।

श्रावस्ती-बलरामपुर को रेल संपर्क की उम्मीद

प्रस्तावित रेललाइन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा श्रावस्ती और बलरामपुर से होकर गुजरना है। अभी तक इस क्षेत्र के कई हिस्सों में रेल संपर्क सीमित है। नई रेललाइन बनने से भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर और उतरौला क्षेत्र को खलीलाबाद-बहराइच रेल नेटवर्क से जोड़ने की राह खुलेगी। इससे यात्रियों के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आवागमन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी ताजा जानकारी से इतना स्पष्ट है कि परियोजना पर वित्तीय प्रावधान के साथ काम आगे बढ़ रहा है। खलीलाबाद-बांसी खंड में निर्माण गतिविधियां शुरू होना और इकौना-बहराइच में भूमि अधिग्रहण का उन्नत चरण में पहुंचना परियोजना की मौजूदा प्रगति का अहम संकेत है।

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