लखनऊ: इको गार्डन में आशा बहुओं का जोरदार धरना, मानदेय बढ़ोतरी और स्थाई नौकरी की मांग
राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में आज हजारों आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों उन्नाव, कुशीनगर, चंदौली, वाराणसी, मथुरा, एटा से हजारों आशा कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंची हैं।

लखनऊ: इको गार्डन में आशा बहुओं का जोरदार धरना, मानदेय बढ़ोतरी और स्थाई नौकरी की मांग
रिपोर्ट मोहित तिवारी उजाला हिंद –
राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में आज हजारों आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों उन्नाव, कुशीनगर, चंदौली, वाराणसी, मथुरा, एटा से हजारों आशा कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंची हैं।
क्या हैं मुख्य मांगे
1. आशा कार्यकर्ता को 21,000 रुपये और आशा संगिनी को 26,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।
2. आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
3. कार्य के दौरान दुर्घटना बीमा, पीएफ, रिटायरमेंट लाभ और यात्रा भत्ता दिया जाए।
4. सीएचसी केंद्रों पर पानी, दवा और रैन बसेरा जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं।
धरने में शामिल आशा बहुओं का कहना है कि वे दिन-रात टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सर्वे जैसी योजनाओं को जमीन पर उतारती हैं, लेकिन उन्हें उचित मानदेय नहीं मिल रहा है। फरवरी में मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ा, आशाओं का नहीं बढ़ा।
आशा बहू कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले यह प्रदर्शन हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप की जाएंगी।




