जनपद श्रावस्ती में नवनियुक्त 399 सहायिकाओं को चार माह बीत जाने पर भी नहीं मिला मानदेय

जनपद श्रावस्ती में नवनियुक्त 399 सहायिकाओं को चार माह बीत जाने पर भी नहीं मिला मानदेय
*आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन की जिला महामंत्री किरन वर्मा ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक को लिखा पत्र*
श्रीमती वर्मा ने लिखे हुए पत्र में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक से नवनियुक्त सहायिकाओं को तत्काल मानदेय दिलाए जाने की मांग की
जिला संवाददाता -मंजीत कुमार मिश्र
भिनगा /श्रावस्ती – जनपद श्रावस्ती में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जनपद में नवनियुक्त 399 सहायिकाओं को चार माह बीत जाने पर भी मानदेय नहीं दिया गया है जनपद में 18 नवंबर 2025 को 399 सहायिकाओं का चयन किया गया था जिनका 28 फरवरी 2026 को नियुक्ति पत्र वितरित किया जा चुका है नियुक्ति पत्र वितरित होने के पश्चात लगातार सभी सहायिकाओं द्वारा आंगनवाड़ी पर अपना कार्य पूर्ण निष्ठा से किया जा रहा है लेकिन श्रावस्ती में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आज तक इन सभी सहायिकाओं को चार माह बीत जाने के बाद भी मानदेय नहीं दिया गया है मानदेय न मिलने के कारण इन सभी सहायिकाओं के जीविकोपार्जन पर संकट छाया हुआ है सहायिकाओं का कहना है कि हम सभी ने कई बार अपने-अपने परियोजनाओं पर सीडीपीओ से मानदेय के बाबत पूछा गया और उन्हें खाता संख्या और पासबुक की छाया प्रति जमा कराने का अनुरोध किया गया लेकिन परियोजना में तैनात किसी भी सीडीपीओ के द्वारा मानदेय भुगतान में कोई रुचि दिखाई नहीं गई जिससे चार माह बीत जाने पर भी उन्हें भुगतान नहीं हो पाया जनपद में तैनात सभी 399 सहायिकाओं को किसी भी सीडीपीओ द्वारा मानदेय भुगतान की प्रक्रिया का पालन अभी तक नहीं किया गया लेकिन सहायिकाओं से चार माह तक लगातार कार्य लिया गया है और आगे भी लिया जा रहा है परंतु उनके मानदेय पर विभाग चुप्पी साधे हुए हैं इसके संबंध में आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन की जिला महामंत्री किरन वर्मा द्वारा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक को पत्र लिखकर इन सभी नवनियुक्त सहायिकाओ को मानदेय तत्काल भुगतान कराए जाने का अनुरोध किया है महामंत्री श्रीमती वर्मा के द्वारा पत्र लिखने के उपरांत क्या इन सभी सहायिकाओं को निदेशक के द्वारा हस्तक्षेप करके मानदेय दिलाया जाएगा या नहीं यह विभाग ऐसे ही चुप्पी साधे रहेगा




