32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न
वैज्ञानिक सोच और नवाचार पर दिया गया विशेष बल

32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न
वैज्ञानिक सोच और नवाचार पर दिया गया विशेष बल
बहराइच 10 अगस्त। 32 वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 बहराइच द्वारा जिला स्तरीय एकदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मुंशी प्रेमचंद सभागार राजकीय इंटर कॉलेज बहराइच में प्रधानाचार्य नागेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक बहराइच ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस देश की एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव वैज्ञानिक गतिविधि है, जिसका यह 32वाँ संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, समूह में कार्य करने की क्षमता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है।
विशिष्ट अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी बहराइच ने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों को अपने आसपास के संसाधनों, परिवेश, पर्यावरण एवं स्थानीय समस्याओं से जोड़ते हुए विज्ञान आधारित समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। इससे विश्लेषण तथा नवाचार की भावना विकसित होती है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक डॉ नन्द कुमार शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल का समुचित उपयोग एवं संरक्षण, खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा सतत विकास हेतु भारतीय ज्ञान प्रणाली का अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण उप-विषयों पर बाल वैज्ञानिक अपने शोध प्रकल्प प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थी जूनियर तथा 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थी सीनियर श्रेणी में प्रतिभाग कर सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य नागेन्द्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की स्थापना वर्ष 1987 में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, विद्यार्थियों वैज्ञानिक कार्यप्रणाली के प्रति गहन समझ विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह अभियान विद्यार्थियों को समाजोपयोगी अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में प्रेरित कर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है। कार्यशाला में प्रतिभागी शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की कार्यप्रणाली, परियोजना निर्माण, शोध विषयों के चयन तथा प्रस्तुतीकरण से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला शैक्षिक सलाहकार डॉ आनंद श्रीवास्तव ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं पर आधारित शोध परियोजनाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, जिससे विज्ञान शिक्षा को व्यवहारिक एवं समाजोपयोगी स्वरूप मिल सके। कार्यक्रम मे राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जनपदीय नोडल अर्पित शुक्ल, राजकीय इंटर कॉलेज काजीपुरा के प्रभारी प्राचार्य पंकज कुमार पांडे, प्रवक्ता शिप्रा वर्मा, शिप्रा शुक्ला, उमेश कुमार पांडे, नागेश मिश्र, कौशिल्या सिंहा व विज्ञान शिक्षक नैमिष गिरी, भुनेश्वर पाठक, आशीष श्रीवास्तव, देवेंद्र मिश्र, राम कृष्ण पाठक, हेमंत यादव, नवल पाठक, रसेल रघुवंशी, रजनीश कुमार, चंद्र शेखर वर्मा के साथ समस्त ब्लॉकों के ए.आर.पी. उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान शिक्षक प्रद्युम्न कुमार पांडे ने किया।




