बिना पंजीकरण और डिग्रीधारी चिकित्सक के संचालित हो रहा कृष्णा हॉस्पिटल, बड़े ऑपरेशन किए जाने का आरोप
मिहींपुरवा, बहराइच। नगर पंचायत मिहींपुरवा में बिना वैध पंजीकरण और डिग्रीधारी चिकित्सक के कथित रूप से कृष्णा हॉस्पिटल के संचालन को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने गंभीर सवाल खड़े किए

बिना पंजीकरण और डिग्रीधारी चिकित्सक के संचालित हो रहा कृष्णा हॉस्पिटल, बड़े ऑपरेशन किए जाने का आरोप
मिहींपुरवा, बहराइच। नगर पंचायत मिहींपुरवा में बिना वैध पंजीकरण और डिग्रीधारी चिकित्सक के कथित रूप से कृष्णा हॉस्पिटल के संचालन को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित कुछ अस्पतालों और निजी चिकित्सा संस्थानों की जांच की गई थी, जिसमें कृष्णा हॉस्पिटल भी शामिल था। इसके बावजूद अब अस्पताल के दोबारा संचालित होने तथा यहां बिना पंजीकरण और योग्य चिकित्सक के इलाज किए जाने के आरोप सामने आए हैं। नागरिकों का कहना है कि कृष्णा हॉस्पिटल में आज तक कोई नियमित डिग्रीधारी चिकित्सक मरीजों का उपचार करते दिखाई नहीं दिया, जबकि कथित रूप से नीम हकीमों द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि यहां छोटे-मोटे उपचार के साथ-साथ बड़े ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं और इसके लिए मरीजों से मोटी रकम वसूली जा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ रहने की बात भी कही जा रही है। नगरवासियों के अनुसार यह मामला सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है और यदि बिना आवश्यक पंजीकरण व योग्य चिकित्सक के गंभीर मरीजों का उपचार और ऑपरेशन किया जा रहा है तो यह बेहद चिंताजनक विषय है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि अस्पताल का संचालन कथित रूप से तीन साझेदारों द्वारा किया जा रहा है। आरोपों के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति के पास ओटी से संबंधित डिप्लोमा है, दूसरा व्यक्ति सरकारी सेवा में कार्यरत बताया जा रहा है, जबकि तीसरा व्यक्ति मूल रूप से कृषक है। नागरिकों का आरोप है कि इनके कथित दलाल क्षेत्र से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाते हैं और इसके बाद मरीजों से उपचार व ऑपरेशन के नाम पर भारी धनराशि वसूली जाती है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल का पंजीकरण वैध नहीं है और वहां योग्य चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं तो बिना आवश्यक मानकों के मरीजों का इलाज किया जाना जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे मरीजों को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर आर्थिक रूप से शोषण किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नगरवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बहराइच से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कृष्णा हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल के पंजीकरण, वहां कार्यरत चिकित्सकों की शैक्षिक एवं चिकित्सा योग्यताओं, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच कराई जाए। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। नागरिकों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की भोली-भाली और अनपढ़ जनता को इसी प्रकार कथित रूप से गुमराह कर उनके स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ किया जाता रहेगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग और कृष्णा हॉस्पिटल का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष मिलने पर समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।




