संत शिरोमणि रविदास जी का शताब्दी वर्ष समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
बहराइच ब्यूरो | 08 अगस्त मिहींपुरवा। विधानसभा बलहा क्षेत्र के मिहींपुरवा में संत शिरोमणि रविदास जी के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया

संत शिरोमणि रविदास जी का शताब्दी वर्ष समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
बहराइच ब्यूरो | 08 अगस्त मिहींपुरवा। विधानसभा बलहा क्षेत्र के मिहींपुरवा में संत शिरोमणि रविदास जी के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। मिहींपुरवा क्षेत्र के पांच प्रमुख स्थानों—हनुमान मंदिर कुंडवा, वार्ड नंबर 12 स्थित बोटनपुरवा, राम-जानकी मंदिर, तपसी दास बाबा मंदिर जरही तथा समय माता मंदिर गोपियां में कार्यक्रम आयोजित हुए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने सहभागिता कर संत रविदास जी के आदर्शों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। मिहींपुरवा नगर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष श्री जितेंद्र मद्धेशिया की अगुवाई में कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक वातावरण के बीच निकली यात्रा ने क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान संत रविदास जी के जीवन, उनके विचारों तथा समाज में समानता और भाईचारे की स्थापना के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। आयोजन में मंडल प्रभारी श्री विक्रम सिंह, मंडल अध्यक्ष श्री राम सरोज पाठक, महामंत्री रामादल मौर्य, हरिओम चौधरी, सभासद गुड्डू लोधी, शुभ जिंदल, दिव्यप्रकाश मिश्रा, राजकुमार वर्मा, राजेंद्र रावत सहित कार्यक्रम के सभी संयोजक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं महिलाओं में रामावती गौतम, सुनीता चौहान, आरती प्रजापति, कमलेश गौतम और गोल्डी मद्धेशिया समेत बड़ी संख्या में महिलाएं एवं स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजकों ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने अपने विचारों के माध्यम से समाज को जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर समानता, प्रेम, भाईचारे तथा मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया। पांचों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।




