संविधान और लोकतंत्र की मजबूती के लिए बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने पर जोर
मिहींपुरवा बहराइच ब्यूरो 22 अगस्त। बलहा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की ओर से आयोजित संविधान बचाओ सम्मेलन में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया

संविधान और लोकतंत्र की मजबूती के लिए बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने पर जोर
मिहींपुरवा बहराइच
ब्यूरो 22 अगस्त। बलहा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की ओर से आयोजित संविधान बचाओ सम्मेलन में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अब्दुल हन्नान मुख्य अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम का संयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद फैसल ने किया। मुख्य अतिथि अब्दुल हन्नान ने कहा कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। किसी भी धर्म में कट्टरता उचित नहीं है। समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द की भावना बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की मजबूती के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। मोहम्मद फैसल ने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को आमजन तक पहुंचाने की अपील की। जिलाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं और जमीनी संगठन पर निर्भर करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी तालमेल बनाकर पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा आगामी गतिविधियों में पूरी सक्रियता के साथ भागीदारी करने का आह्वान किया। सम्मेलन में बहराइच पर्यवेक्षक रित्विक मतवाना, जिला उपाध्यक्ष मुस्तकीम सलमानी, पूर्व जिलाध्यक्ष शेख जकरिया शैखू, शहर अध्यक्ष तारिक बेग, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष सादिक हुसैन, जिला महासचिव हमजा शफीक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय सिंह, सेवादल जिलाध्यक्ष विजय पोरवाल, इसरार अंसारी, हसन मोहम्मद, हसीब अहमद, दाऊद हाश्मी, अदनान अंसारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।




