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उत्तर प्रदेश

विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई कार्यशाला

विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई कार्यशाला

 

हरि गोविंद ब्यूरो उजाला हिंद ऑनलाइन बहराइच

बहराइच 05 अगस्त। लेखांकन प्रक्रिया से सम्बंधित विभिन्न मुददों पर विचार विमर्श तथा जी.पी.एफ. अभिदाताओं को उचित मार्गदर्शन एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से विगत दिवस विकास भवन सभागार में महालेखाकार कार्यालय के वरिष्ठ उपमहालेखाकार/राजकोष राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं आहरण वितरण अधिकारियों एवं उनके प्रतिनिधियों को आदालत में सामान्य भविष्य निधि डेबिट वाउचरों/क्रेडिट शिड्यूल, ए.सी./डी.सी. बिल्स, ऋण, अंतिम भुगतान प्रकरण/मिलान प्रकरणों संबंधी अद्यतन जानकारी, अनपोस्टेड आइटमों एवं अग्रिमों के लेखा के सम्बन्ध में चर्चा की गयी।

कार्यशाला के दौरान निरीक्षण दल द्वारा सुझाव दिया गया कि सामान्य भविष्य निधि पासबुक निर्धारित प्रोफोर्मा पर ही बनवाई जाय एवं प्रत्येक माह डेबिट एवं क्रेडिट की पोस्टिंग आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा की जाये। जी.पी.एफ. पासबुक में सभी कालम स्पष्ट रूप से भरें जाय। आहरण की धनराशि अंको एवं शब्दों में लिखकर आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर उनके एल.पी.सी. पर सा.भ.नि.लेखा संख्या का उल्लेख आवश्यक रूप से किया जाना चाहिए।

निरीक्षण दल ने कहा कि प्रायः यह देखा जाता है कि सामान्य भविष्य निधि के शिड्यूल पर त्रुटिवश सही सीरीज व लेखा संख्या अंकित नहीं किया जाता है जिसकी वजह से सही लेखा में जी.पी.एफ. धनराशि का अंकन नहीं हो पाता है इसलिए सा.भ.नि. के शिड्यूल में कर्मचारी का नाम, सही सिरीज, सही जी.पी.एफ. खाता संख्या विभाग/कार्यालय का नाम अंकित किया जाना चाहिए। शिड्यूल में कर्मचारियों का नाम एवं सा.भ.नि. खाता संख्या ए.जी. इलाहबाद द्वारा अधिकृत कम्यूटर मास्टर के अनुसार ही लिखा जाना चाहिए।

कार्यशाला में जानकारी दी गयी कि जी.पी.एफ. पासबुक में निकासी कालम अनिवार्य रूप से भरा जाय, यदि सम्बंधित वित्तीय वर्ष में कोई अग्रिम निकासी नहीं हुई है तो आहरण वितरण अधिकारी द्वारा निकासी कालम में शून्य लिखकर अपने हस्ताक्षर किए जाने चाहिए और मुहर अवश्य लगाई जानी चाहिए। इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में प्रोन्नति होने पर चतुर्थ श्रेणी की सा.भ.नि. की धनराशि को तत्परता/सावधानीपूर्वक तृतीय श्रेणी के सा.भ.नि. लेखे में स्थानान्तरण, जीपीएफ देयक ट्रेजरी चालान के साथ कोषागार के माध्यम से बुक समायोजन किया जाना चाहिए, जिसमें अंतिम कटौती का माह, देय व्याज का माह अवश्य अंकित किया जाना चाहिए। ट्रेजरी चालान की कापी कोषागार से प्राप्त कर सम्बंधित कर्मचारी के जीपीएफ पासबुक/पत्रावली के साथ अवश्य रखें।

चर्चा के उपरान्त विभागीय अधिकारियों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा शंका समाधान हेतु पूछे गये प्रश्नों का समाधान वरिष्ठ उपमहालेखाकार एवं सहायक लेखाधिकारी द्वारा किया गया। कार्यशाला के अन्त में वरिष्ठ उपमहालेखाकार द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, वरिष्ठ कोषाधिकारी नरोत्तम शरण, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासी राम सहित अन्य जिला स्तरीय एवं आहरण वितरण अधिकारी तथा उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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