एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी की पहल: बाढ़ से पहले गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर हो रही ‘बाढ़ चौपाल’
नानपारा (बहराइच)। आगामी समय में संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने समय रहते व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं

*एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी की पहल: बाढ़ से पहले गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर हो रही ‘बाढ़ चौपाल’*
नानपारा (बहराइच)। आगामी समय में संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने समय रहते व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। उनके निर्देशन में तहसील क्षेत्र के संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार ‘बाढ़ चौपाल’ आयोजित कर ग्रामीणों को बाढ़ पूर्व, बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों, आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण तथा वन्य जीवों से बचाव के संबंध में निरंतर जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम रखना तथा प्रत्येक नागरिक तक समय रहते आवश्यक जानकारी पहुंचाना है।
एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विस्तृत रोस्टर जारी कर अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं, जिससे प्रत्येक संवेदनशील गांव तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सके। उनके निर्देश पर 23 से 29 जुलाई तक शिवपुर एवं नानपारा क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में क्रमवार बाढ़ चौपाल लगातार आयोजित की जा रही हैं। रोस्टर के क्रम में 23 जुलाई को विकास खंड शिवपुर सभागार में नायब तहसीलदार शिवपुर की अध्यक्षता में बाढ़ चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बौण्डी, लौकिहा, शिवपुर, बल्दूपुरवा एवं अम्बरपुर सहित कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, कोटेदार, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, सफाई कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।चौपाल के दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की जानकारी, राहत एवं बचाव व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, संक्रामक रोगों से बचाव, पशुधन की सुरक्षा, विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव, सर्पदंश एवं बाढ़ के दौरान निकलने वाले वन्य जीवों से सुरक्षित रहने के उपायों की विस्तृत रूप से जानकारी दी गई साथ ही आपदा की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने तथा अफवाहों से बचने की भी अपील की गई।
एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसुरक्षा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाढ़ संभावित प्रत्येक गांव में समयबद्ध तरीके से चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी आपदा का प्रभाव न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि सतर्कता, पूर्व तैयारी और जनसहभागिता ही बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने का सबसे सशक्त माध्यम है। तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाढ़ चौपालों का यह अभियान आगामी दिनों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार निरंतर जारी रहेगा, जिससे प्रत्येक संवेदनशील गांव तक प्रशासन की तैयारियों और जागरूकता अभियान का लाभ पहुंच सके।




